
भारतीय कर प्रणाली में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की शुरुआत ने न केवल टैक्स ढांचे को सरल बनाया बल्कि पूरे देश को एक साझा बाज़ार के रूप में जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाई। अब हाल ही में केंद्र सरकार ने एक ऐसा निर्णय लिया है, जिसका असर सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन और उनकी जेब पर पड़ेगा। सरकार ने बीमा और आवश्यक दवाओं को जीएसटी से मुक्त कर, नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
बीमा और दवाओं पर राहत
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बीमा सेवाओं तथा आवश्यक दवाओं को जीएसटी से छूट देने का फैसला किया गया है। इस फैसले के तहत स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा और अन्य बीमा उत्पाद अब कम कीमत पर उपलब्ध होंगे। इसी तरह, ज़रूरी दवाइयों, नेत्र देखभाल से जुड़े उत्पादों और चिकित्सा उपकरणों की कीमतों में भी कमी आएगी। इससे लोगों के लिए इलाज और बीमा दोनों अधिक सुलभ हो सकेंगे।
घरेलू वित्तीय सुरक्षा को मजबूती
बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी हटने से मध्यमवर्गीय और निम्नवर्गीय परिवारों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। पहले जहां बीमा प्रीमियम की ऊँची लागत के कारण लोग हिचकिचाते थे, वहीं अब यह अपेक्षाकृत किफायती हो जाएगा। जीवन या स्वास्थ्य बीमा लेने से परिवार अचानक आने वाली आर्थिक आपदाओं और स्वास्थ्य संकटों से सुरक्षित रह सकेंगे। यह फैसला निश्चित रूप से आम जनता के लिए वित्तीय सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुँच
दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों पर टैक्स कम होने से इलाज की कुल लागत घटेगी। विशेष रूप से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। दवाओं के साथ-साथ नेत्र देखभाल और विभिन्न चिकित्सा उपकरणों की कीमतों में कमी आने से स्वास्थ्य सेवाएँ ज्यादा किफायती और सुलभ होंगी। यह कदम “सभी के लिए स्वास्थ्य” (Health for All) की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
दीर्घकालिक दृष्टि
सरकार का यह निर्णय सिर्फ तात्कालिक राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सोच को भी दर्शाता है। इसका मकसद ऐसा समाज बनाना है जहाँ स्वास्थ्य सुविधाएँ और आर्थिक सुरक्षा हर नागरिक तक समान रूप से पहुँचे। यह निर्णय सरकार की ‘नेक्स्ट जेन जीएसटी’ (#NextGenGST) पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कर सुधारों को सामाजिक कल्याण से जोड़कर एक अधिक समावेशी व्यवस्था तैयार करना है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, बीमा और आवश्यक दवाओं को जीएसटी से छूट देना भारत सरकार का सराहनीय कदम है। यह न केवल आम जनता को आर्थिक राहत देगा बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। यह निर्णय एक ऐसे भारत की नींव रखता है, जहाँ हर नागरिक सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जी सके।