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रैपुरा गुंता नहर में जल संकट: किसान परेशान, खेत सूखने की कगार पर


चित्रकूट, 23 जुलाई 2025
चित्रकूट जिले के कई गांव इन दिनों गंभीर सिंचाई संकट से जूझ रहे हैं। रैपुरा गुंता बांध से जुड़ी मुख्य नहर में लंबे समय से पानी न पहुँच पाने के कारण खरीफ फसलें बर्बादी की ओर बढ़ रही हैं। धान, तिल, उड़द और मक्का जैसी फसलें पर्याप्त नमी न मिलने से सूखने लगी हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने बुवाई के लिए कर्ज लिया था, लेकिन अब उनकी मेहनत और पूँजी दोनों दांव पर लग गई हैं।

किसानों का आरोप: नहर प्रबंधन पूरी तरह फेल

स्थानीय किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने नहर प्रबंधन में गंभीर लापरवाही बरती है। नहर का पानी केवल शुरुआती हिस्सों में छोड़ा गया, जबकि आगे के गाँवों तक पानी बिल्कुल नहीं पहुँचा। किसानों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद विभाग के अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।

किसानों की नाराज़गी विभाग पर

कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग के  सीनियर इंजीनियर हिमांशु शुक्ला ने किसानों की समस्याएँ सुनने के बजाय उनके फोन नंबर तक ब्लॉक कर दिए। किसानों का कहना है कि यह व्यवहार न केवल असंवेदनशील है, बल्कि उनकी पीड़ा को और बढ़ा देता है। कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों के रवैये में भेदभाव झलकता है।

खेत सूखने का खतरा और कर्ज का बोझ

इस क्षेत्र के अधिकांश किसान मानसून और नहरों पर ही निर्भर रहते हैं। समय पर पानी न मिलने से फसलें सूख रही हैं और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कर्ज की किश्तें चुकाना मुश्किल हो रहा है और कई परिवारों की रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।

ग्रामीणों की माँग: तत्काल हस्तक्षेप

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि आने वाले दिनों में नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो फसल पूरी तरह चौपट हो जाएगी और किसान आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।


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