HIT AND HOT NEWS

🇺🇦 रूस के ड्रोन हमले और यूरोप की सुरक्षा: ज़ेलेंस्की की चेतावनी और समाधान की राह


यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और नाटो महासचिव मार्क रुटे सहित कई यूरोपीय नेताओं से बातचीत की। इस संवाद का मुख्य विषय रूस द्वारा किए गए नवीनतम ड्रोन हमले थे, जिनमें से कई ड्रोन पोलैंड की हवाई सीमा में भी प्रवेश कर गए।

ज़ेलेंस्की ने बताया कि पहले भी रूस के ड्रोन नाटो के पूर्वी हिस्से में घुसपैठ कर चुके हैं, जैसे कुछ सप्ताह पहले रोमानिया में। लेकिन इस बार हालात कहीं अधिक गंभीर रहे। बड़ी संख्या में ड्रोन यूक्रेन ही नहीं, बल्कि बेलारूस की सीमा से भी छोड़े गए। यह न केवल सीमा उल्लंघन था, बल्कि रूस की ओर से एक नए स्तर का उकसावा और खतरा था।

उन्होंने कहा कि पोलैंड के प्रधानमंत्री ने इन घटनाओं से जुड़े संभावित परिणामों और चुनौतियों की जानकारी साझा की। साथ ही यह भी बताया गया कि कई गांवों और कस्बों में गिरा हुआ ड्रोन का मलबा मिला, जिसमें ईरानी “शाहेद” ड्रोन भी शामिल थे। यूक्रेनी सेना लगातार इन घटनाओं से जुड़े सबूत और सूचनाएँ साझा कर रही है ताकि नाटो और सहयोगी देश समन्वित रणनीति बना सकें।

ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि रूस के इस दुस्साहस के पीछे कारण सबको पता हैं और इन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने यूरोप से एक साझा वायु-रक्षा प्रणाली बनाने और पूरे महाद्वीप के ऊपर एक प्रभावी “एयर शील्ड” तैयार करने की अपील की। उनके अनुसार, यूक्रेन ने यह प्रस्ताव लंबे समय से रखा है और अब ठोस समाधानों पर आगे बढ़ने की ज़रूरत है।

यह स्थिति न केवल यूक्रेन की सुरक्षा के लिए चुनौती है, बल्कि नाटो और पूरे यूरोप के लिए भी सीधी चेतावनी है। अब सवाल यह है कि क्या यूरोपीय देश मिलकर एक ठोस और संयुक्त प्रतिक्रिया देंगे या रूस को और अधिक आक्रामक कदम उठाने का अवसर देंगे।


Exit mobile version