
नई दिल्ली/रोम।
भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत हुई। इस वार्ता में दोनों नेताओं ने मौजूदा संबंधों की उत्कृष्ट स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए 2025-2029 की इटली-भारत रणनीतिक कार्ययोजना (Strategic Action Plan) को और गहराई देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
निवेश और वाणिज्यिक सहयोग पर विशेष ध्यान
बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) के माध्यम से संपर्क एवं कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर सहमति बनी। इससे न केवल भारत और इटली को लाभ मिलेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार मार्गों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
यूक्रेन संकट पर साझा दृष्टिकोण
फोन वार्ता के दौरान यूक्रेन युद्ध की ताजा स्थिति पर भी विचार-विमर्श हुआ। मोदी और मेलोनी ने इस संघर्ष में तत्काल युद्धविराम और वार्ता की बहाली के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करने की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों नेताओं ने कहा कि शांति, स्थिरता और न्यायपूर्ण समाधान ही दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित कर सकते हैं।
द्विपक्षीय रिश्तों में नई ऊर्जा
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और इटली के बीच यह रणनीतिक सहयोग आने वाले वर्षों में ऊर्जा, तकनीक, व्यापार और वैश्विक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नई दिशा प्रदान करेगा। यह वार्ता इस बात का स्पष्ट संकेत है कि दोनों देश न केवल अपने आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ करना चाहते हैं, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर भी साझा जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं।
👉 यह वार्ता भारत-इटली संबंधों के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है, जहां दोनों राष्ट्र वैश्विक चुनौतियों का सामना मिलकर करने का संकल्प जता रहे हैं।