
न्यूयॉर्क, 11 सितंबर 2025
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 79वें सत्र का आरंभ विश्व की साझा चुनौतियों से निपटने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उद्घाटन भाषण में वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह समय केवल चर्चा का नहीं, बल्कि ठोस समाधान प्रस्तुत करने और उन पर अमल करने का है।
गुटेरेस ने अपने संबोधन में कहा, “हमें विश्वास बहाल करने और लोगों तक परिणाम पहुँचाने के लिए मिलकर कार्य करना होगा। शांति और स्थिरता की राह तभी संभव है जब हम साझा जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें।” उन्होंने दुनिया भर में बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु संकट, असमानता और संघर्षों को मानवता के सामने खड़ी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया।
वैश्विक संकटों पर सामूहिक पहल
79वें सत्र में सदस्य देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब केवल बयानबाज़ी से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने होंगे। चाहे जलवायु परिवर्तन हो, तकनीकी असमानता हो, खाद्य सुरक्षा या अंतरराष्ट्रीय संघर्ष – हर क्षेत्र में सामूहिक रणनीति की आवश्यकता है।
विश्वास की बहाली पर जोर
महासचिव ने कहा कि महामारी और युद्ध जैसे संकटों ने राष्ट्रों के बीच विश्वास की खाई को गहरा किया है। इसलिए अब ज़रूरी है कि संयुक्त राष्ट्र ऐसा मंच बने जहाँ हर देश अपनी आवाज़ उठा सके और हर व्यक्ति को यह महसूस हो कि यह संस्था उसके हितों की रक्षा करती है।
शांति और विकास की ओर
सत्र में यह संदेश स्पष्ट रहा कि सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को पाने के लिए शांति अनिवार्य है। अगर संघर्ष और विभाजन बढ़ेंगे, तो गरीबी उन्मूलन और समान अवसरों के प्रयास विफल हो जाएंगे। गुटेरेस ने सभी राष्ट्रों से अपील की कि वे अपने मतभेदों को संवाद और कूटनीति के माध्यम से हल करें।
निष्कर्ष
संयुक्त राष्ट्र महासभा का 79वां सत्र केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए नए संकल्प का प्रतीक है। इसका उद्देश्य है – वैश्विक विश्वास की बहाली, साझा समस्याओं का समाधान और एक ऐसी दुनिया की ओर कदम बढ़ाना जहाँ शांति, न्याय और समानता सभी के लिए सुनिश्चित हो।