
पेरिस/वारसॉ, 10 सितंबर 2025
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हाल ही में एक गंभीर घटना ने यूरोप की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस द्वारा पोलैंड की हवाई सीमा में ड्रोन भेजे जाने की कड़ी निंदा की है। यह ड्रोन हमले उस समय हुए जब रूस ने यूक्रेन पर ताजा सैन्य कार्रवाई शुरू की।
राष्ट्रपति मैक्रों ने इस घटना को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए कहा कि यह केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा और स्थिरता के लिए सीधी चुनौती है। उन्होंने रूस से तुरंत इस खतरनाक बढ़त को रोकने की अपील की और चेतावनी दी कि नाटो सहयोगी किसी भी स्थिति में अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे।
फ्रांस का पोलैंड को भरोसा
मैक्रों ने पोलैंड की जनता और उसकी सरकार के प्रति एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “फ्रांस, पोलैंड और उसके नागरिकों के साथ खड़ा है। हम इस तरह की आक्रामक कार्रवाइयों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
नाटो में बढ़ी हलचल
मैक्रों ने यह भी जानकारी दी कि वह जल्द ही नाटो महासचिव मार्क रुटे से विशेष वार्ता करेंगे। नाटो के सदस्य देशों में इस घटना को लेकर गहरी चिंता है क्योंकि पोलैंड सीधे रूस-यूक्रेन युद्धक्षेत्र की सीमा से सटा देश है और किसी भी तरह की घुसपैठ उसे सीधे खतरे में डाल सकती है।
बढ़ते तनाव और भविष्य की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं तो यह स्थिति न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोपीय संघ और नाटो देशों को संघर्ष की सीधी रेखा पर खड़ा कर सकती है। फ्रांस की ओर से आया यह सख्त बयान इस बात का संकेत है कि पश्चिमी देश अब और अधिक सतर्क रुख अपनाने के लिए तैयार हैं।
⚡ निष्कर्ष
रूस की यह कार्रवाई यूरोपीय सुरक्षा ढांचे के लिए एक गंभीर चेतावनी है। फ्रांस सहित नाटो देश जहां एक ओर अपने सहयोगियों को आश्वस्त कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रूस को साफ संकेत दे रहे हैं कि अब किसी भी प्रकार की सीमा-लांघन को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।