रायबरेली (उत्तर प्रदेश), 11 सितंबर 2025:
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर हालिया विधानसभा चुनावों को लेकर “वोट चोरी” का मुद्दा उठाया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में धांधली हुई है और इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी ने कहा, “यह केवल आरोप नहीं है बल्कि सच है। पूरे देश में ‘वोट चोर, गद्दी चोर’ की आवाज़ गूंज रही है। आने वाले दिनों में हम ठोस और विस्फोटक सबूत जनता के सामने रखेंगे।”
चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल
गौरतलब है कि इससे पहले 7 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सीधे तौर पर पक्षपात और धांधली में शामिल होने का आरोप लगाया था। उन्होंने कांग्रेस के शोध डेटा पेश करते हुए कहा था कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है।
उन्होंने विशेष रूप से कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट का उदाहरण दिया और दावा किया कि वहां लगभग 1,00,250 वोटों में हेरफेर हुआ है। साथ ही, उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग के बीच “सांठगांठ” का आरोप लगाया और कहा कि पूरा चुनाव “पहले से तय और कोरियोग्राफ” किया गया था।
‘वोट अधिकार यात्रा’ की शुरुआत
आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए राहुल गांधी ने बिहार में राजद नेता तेजस्वी यादव के साथ मिलकर 16 दिनों की ‘वोट अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची में हो रही अनियमितताओं को उजागर करना और जनता को जागरूक करना है।
यह यात्रा करीब 1,300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 20 जिलों से होकर गुज़रेगी। राहुल गांधी ने मधुबनी की एक रैली में कहा कि भाजपा का “वोट चोरी” का खेल नया नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत 2014 के आम चुनाव से ही हो गई थी।
विपक्ष का रणनीतिक हमला
राहुल गांधी के इन बयानों से साफ है कि कांग्रेस और सहयोगी दल चुनाव से पहले सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख में है, वहीं भाजपा और आयोग ने अब तक इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
