
नई दिल्ली, 9 सितंबर 2025:
दिल्ली की साकेत अदालत ने गोविंदपुरी इलाके में एटीएम तोड़कर चोरी किए गए लाखों रुपये के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी को जमानत प्रदान की है। यह आरोपी, राविकांत उर्फ पंकज, 2 जून से न्यायिक हिरासत में था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विपिन खारब ने आदेश देते हुए कहा कि पंकज को सह-आरोपी की निशानदेही पर पकड़ा गया था और अब तक उसके पास से कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई है। साथ ही, वह तीन महीने से अधिक समय से जेल में है। अदालत ने उसे 50,000 रुपये के निजी मुचलके और उतनी ही राशि की एक जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया।
मामला क्या है?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गोविंदपुरी स्थित एटीएम को तोड़कर चोरी की गई थी और उसे बुलंदशहर तक ले जाया गया था। आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए चोरी की कार का इस्तेमाल किया था, जिस पर नकली नंबर प्लेट लगाई गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि कार की नंबर प्लेट बाद में सह-आरोपी फरमान ने बदल दी थी।
इस मामले में पुलिस ने फरमान और आशिक समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों की गतिविधियाँ भी रिकॉर्ड हुई थीं। पुलिस का कहना है कि आशिक, सूरज, राजा, दीपक और रवि ने मिलकर यह साजिश रची थी। वारदात के बाद करीब 3.71 लाख रुपये आरोपियों ने आपस में बांट लिए थे।
वकील की दलील
राविकांत पंकज की ओर से पेश वकील गोविंद शर्मा ने अदालत को बताया कि इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि सह-आरोपी फरमान और आसिफ को पहले ही 23 जुलाई को जमानत दी जा चुकी है।
अदालत का निष्कर्ष
अदालत ने माना कि जब सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं, तो पंकज को न्यायिक हिरासत में रखना उचित नहीं है। इसी सिद्धांत के आधार पर उसे भी रिहाई का लाभ दिया गया।