
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को हैरान कर दिया है। इस बड़े बिलबोर्ड जैसी तस्वीर में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूढ़िवादी विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ता चार्ली किर्क एक-दूसरे को गले लगाते नज़र आते हैं। नीचे बड़े अक्षरों में लिखा है – “ग्रेट चार्ली किर्क आर.आई.पी.” और उसके साथ “श्लोमो पर्ल” का नाम भी अंकित है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चार्ली किर्क जीवित हैं और अपनी गतिविधियों में सक्रिय भी। किर्क “टर्निंग पॉइंट यूएसए” नामक प्रभावशाली संगठन के संस्थापक एवं निदेशक हैं। इस संगठन का अमेरिकी युवा राजनीति पर गहरा प्रभाव है। ऐसे में, उनके निधन की झूठी सूचना वाले इस पोस्टर ने अनेक सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह पोस्टर आखिर है क्या?
- राजनीतिक व्यंग्य: संभव है कि किसी ने इसे मज़ाक या आलोचना के तौर पर बनाया हो।
- कला प्रदर्शन: यह भी संभावना है कि यह किसी कलाकार की रचनात्मकता हो, जो समाज और राजनीति पर कटाक्ष कर रही हो।
- शरारत या अफवाह फैलाना: कई लोग इसे केवल ध्यान आकर्षित करने की कोशिश मान रहे हैं।
पोस्टर की पृष्ठभूमि में अमेरिकी और इज़राइली झंडे दिखाई देते हैं, जो इसके मकसद को और रहस्यमय बना देते हैं। इससे यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं कि इसका संबंध राजनीति से है।
सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
इंटरनेट पर यह तस्वीर फैलते ही लोग दो धड़ों में बंट गए। कुछ ने इसे एक भावनात्मक श्रद्धांजलि के रूप में लिया, जबकि अन्य ने इसे भ्रामक प्रोपेगेंडा या तंज बताया। अभी तक किसी आधिकारिक स्रोत ने इस पोस्टर की पुष्टि नहीं की है, जिससे इसकी प्रामाणिकता संदेहास्पद बनी हुई है।
सीख क्या मिलती है?
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि डिजिटल दौर में दृश्य सामग्री भी भ्रम पैदा कर सकती है। एक साधारण-सी तस्वीर, यदि बिना सत्यापन के साझा हो, तो वह लाखों लोगों को गुमराह कर सकती है। इसलिए, खासकर मौत जैसी गंभीर खबरों पर यक़ीन करने से पहले तथ्य-जांच (fact-check) करना बेहद ज़रूरी है।