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ईरानी कुश्ती टीम की जीत पर सर्वोच्च नेता का संदेश: शक्ति और संस्कार का संगम


हाल ही में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में ईरान की राष्ट्रीय कुश्ती टीम ने शानदार सफलता हासिल की। इस उपलब्धि पर ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अली खामेनेई ने टीम को बधाई देते हुए विशेष संदेश साझा किया। उनका यह संदेश केवल खेल उपलब्धि की सराहना नहीं था, बल्कि इसमें राष्ट्रीय गर्व, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों का भी स्पष्ट उल्लेख था।

खामेनेई का प्रेरणादायी संदेश

अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी संदेश की शुरुआत खामेनेई ने “बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम” (अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयालु और कृपालु है) से की। उन्होंने लिखा—
“मैं विश्व विजेता ईरानी कुश्ती टीम को उनके परिश्रम, उत्कृष्ट प्रदर्शन और अनुकरणीय व्यवहार के लिए धन्यवाद देता हूँ। शक्ति और आध्यात्मिकता का यह मेल, हमारे महान मूल्यों का प्रतिबिंब है। शाबाश!”

खेल से परे एक दृष्टिकोण

यह संदेश केवल खिलाड़ियों को सम्मानित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को यह संदेश देता है कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि इसमें अनुशासन, संस्कार और आध्यात्मिक संतुलन भी होना चाहिए। खामेनेई ने खिलाड़ियों की सफलता को “नैतिक मूल्यों और खेल कौशल का संगम” बताया, जो समाज के लिए प्रेरणा है।

ईरान और कुश्ती का गहरा रिश्ता

कुश्ती ईरान में केवल एक खेल नहीं बल्कि परंपरा और संस्कृति का हिस्सा मानी जाती है। यह खेल देश की पहचान और गौरव से जुड़ा हुआ है। जब भी ईरानी पहलवान विश्व स्तर पर सफलता हासिल करते हैं, तो उसे पूरे राष्ट्र के आत्मविश्वास और एकता की जीत माना जाता है।

विश्व चैंपियनशिप में प्रदर्शन

इस वर्ष की प्रतियोगिता में ईरानी पहलवानों ने न केवल पदक जीते बल्कि अपने संयम और खेल भावना से भी सबका दिल जीता। मैदान पर उनके आचरण ने यह साबित किया कि वास्तविक विजेता वही है, जो खेल में प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करते हुए श्रेष्ठता हासिल करे।

प्रेरणा का स्रोत

सर्वोच्च नेता का यह संदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। यह बताता है कि खेल और शिक्षा में सफलता तभी सार्थक है जब वह समाज को सकारात्मक मूल्यों के साथ आगे बढ़ाने में योगदान दे।


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