
भारत आज विश्व पटल पर एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश की आकांक्षाओं को हकीकत में बदलने का लक्ष्य तय किया है। इसका प्रमाण है वह सतत प्रयास जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण, नागरिकों को सशक्त बनाने और भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
1. आधारभूत संरचना का विस्तार
सरकार का मानना है कि किसी भी देश की प्रगति उसकी आधारभूत संरचना से तय होती है। रेल, सड़क, बंदरगाह, ऊर्जा और डिजिटल नेटवर्क जैसे क्षेत्रों में तेज़ गति से कार्य हो रहा है। ‘गति शक्ति योजना’ और ‘भारतमाला परियोजना’ जैसे प्रयास देश के हर कोने को विकास से जोड़ रहे हैं।
2. नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम
भारत सरकार ने नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। ‘प्रधानमंत्री जनधन योजना’, ‘आयुष्मान भारत’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहल न केवल आम जनता को सुविधाएँ प्रदान कर रही हैं, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर भी सृजित कर रही हैं।
3. वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका
आज भारत न केवल एशिया, बल्कि पूरे विश्व में अपनी सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभा रहा है। ‘जी-20 शिखर सम्मेलन’ की मेजबानी, ‘इंटरनेशनल सोलर एलायंस’ और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ जैसी सोच भारत की वैश्विक छवि को और मज़बूत बना रही है। सरकार की नीतियाँ भारत को दुनिया के बड़े निर्णयों में अहम भागीदार बना रही हैं।
4. सेवा और समर्पण का पर्व – सेवा पर्व
पोस्ट में प्रयुक्त हैशटैग #SevaParv भारत सरकार के उस दृष्टिकोण का प्रतीक है जिसमें विकास केवल भौतिक स्तर पर नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टि से भी किया जा रहा है। यह संदेश देता है कि शासन का उद्देश्य केवल नीतियाँ बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन में बदलाव लाना है।
निष्कर्ष
भारत सरकार का यह संकल्प कि “सपनों को साकार करना ही विकास का असली मार्ग है” आज हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। आधारभूत संरचना से लेकर वैश्विक नेतृत्व तक, भारत एक नई ऊँचाई की ओर अग्रसर है। सेवा, समर्पण और सशक्तिकरण पर आधारित यह दृष्टिकोण न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी एक समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की ओर ले जाएगा।