
भारत में कृषि हमेशा से अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है। करोड़ों किसान अपने परिश्रम से न केवल देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करते हैं। ऐसे में सरकार द्वारा किए जा रहे जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) सुधार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सस्ती कृषि मशीनरी और उपकरण
नए जीएसटी सुधारों के तहत खेती के लिए जरूरी उपकरण और मशीनरी अब पहले की तुलना में अधिक किफायती हो रही हैं। इसका सीधा लाभ छोटे और मध्यम किसानों को मिलेगा, जो अब आसानी से ट्रैक्टर, पंपसेट, स्प्रेयर और अन्य आधुनिक कृषि उपकरण खरीद पाएंगे। सस्ती दरों पर मिलने वाले ये औजार किसानों की उत्पादन क्षमता को दोगुना करने में मदद करेंगे।
फसल उत्पादन में मजबूती
सस्ती तकनीक और बेहतर साधनों के कारण किसानों की लागत कम होगी और पैदावार अधिक। आधुनिक सिंचाई प्रणाली, उर्वरकों के बेहतर उपयोग और समय की बचत से कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा आएगी। इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि देशभर में खाद्यान्न उत्पादन भी मजबूत होगा।
किसानों का सशक्तिकरण
सरकार का यह कदम केवल आर्थिक राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का भी प्रतीक है। तकनीक और संसाधनों की आसान उपलब्धता से किसान अधिक आत्मनिर्भर बनेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
डिजिटल माध्यम और एआई की भूमिका
मंत्रालय की ओर से साझा किया गया वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार किया गया है। यह बताता है कि सरकार अब तकनीक को अपनाकर किसानों तक योजनाओं की जानकारी तेजी और सरलता से पहुंचा रही है। इससे किसानों में जागरूकता बढ़ेगी और वे सरकारी योजनाओं का अधिक लाभ उठा पाएंगे।
निष्कर्ष
नए जीएसटी सुधार केवल कर प्रणाली में बदलाव नहीं हैं, बल्कि यह भारत के किसानों के लिए उम्मीद और विकास की नई राह हैं। सस्ते उपकरण, बेहतर उपज और बढ़ी हुई आय से किसान न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे बल्कि भारत को कृषि क्षेत्र में और भी मजबूत बनाएंगे। यह कदम प्रधानमंत्री के “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य को भी साकार करने में सहायक सिद्ध होगा।