
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए एक ऐसा संदेश साझा किया, जिसने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच गहराते संबंधों को नए आयाम दिए। उनका यह ट्वीट केवल व्यक्तिगत बधाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने आने वाले समय की साझेदारी और सहयोग की दिशा भी स्पष्ट कर दी।
वॉन डेर लेयेन ने बताया कि जिस दिन यूरोपीय संघ–भारत की नई रणनीति की शुरुआत हुई, उसी दिन उन्हें प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई देने का अवसर मिला। यह संयोग इस बात का प्रतीक है कि दोनों नेतृत्व आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए कितने गंभीर और प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वे आगामी शिखर सम्मेलन में भारत आने की प्रतीक्षा कर रही हैं, जो आपसी संबंधों को और मजबूत करने का एक अहम अवसर होगा।
अपने संदेश में उन्होंने व्यापारिक सहयोग और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर हुई चर्चाओं का जिक्र किया। वॉन डेर लेयेन ने संकेत दिया कि दोनों पक्षों के बीच जारी व्यापार समझौते पर सार्थक प्रगति हो रही है, जिससे एक अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत व्यापारिक वातावरण स्थापित किया जा सकेगा। इसके साथ ही, दोनों नेताओं ने यूक्रेन की स्वतंत्रता के समर्थन के मुद्दे पर भी साझा दृष्टिकोण व्यक्त किया, जो दर्शाता है कि भारत और यूरोपीय संघ वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में साथ खड़े हैं।
असल में, यह ट्वीट केवल शुभकामनाओं का आदान-प्रदान नहीं था, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी था—कि भारत और यूरोपीय संघ मिलकर एक नए दौर की शुरुआत कर रहे हैं। यह दौर न केवल आर्थिक सहयोग पर केंद्रित होगा, बल्कि इसमें राजनीतिक, सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों को भी समान महत्व मिलेगा।
वॉन डेर लेयेन का यह संदेश दोनों पक्षों के बीच आपसी विश्वास, साझा दृष्टिकोण और परस्पर सम्मान का प्रमाण है। इससे स्पष्ट होता है कि आने वाले वर्षों में भारत–यूरोपीय संघ संबंध एक सशक्त, बहुआयामी और दूरगामी साझेदारी के रूप में विकसित होंगे।