
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया संदेश के माध्यम से एक अहम पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने “टेरा देई फुओची” (Terra dei Fuochi) डिक्री कानून के तहत अवैध कचरा फेंकने और प्रदूषण से प्रभावित क्षेत्रों की सफाई के लिए सख्त अभियान छेड़ा है। यह कानून जुलाई 2025 में लागू हुआ था और इसका मुख्य उद्देश्य उस भूभाग को पुनर्जीवित करना है जो वर्षों से गैरकानूनी गतिविधियों और पर्यावरणीय क्षति का शिकार रहा है।
🔎 सख्त कार्रवाई और शुरुआती उपलब्धियां
इस अभियान की शुरुआत के कुछ ही हफ्तों में उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:
- €1 मिलियन (लगभग ₹8.8 करोड़) से अधिक के जुर्माने लगाए गए।
- 6,000 से ज्यादा वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 155 वाहनों को जब्त किया गया।
- 148 लोगों पर कानूनी कार्यवाही दर्ज हुई और 9 व्यक्तियों को गिरफ्तार भी किया गया।
ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार अवैध कचरा डंपिंग और उससे जुड़े माफियाई नेटवर्क को खत्म करने के लिए बिना किसी समझौते के कदम उठा रही है।
💶 पुनर्वास और वित्तीय निवेश
सरकार ने इस क्षेत्र के पुनर्वास हेतु €60 मिलियन (लगभग ₹530 करोड़) की भारी-भरकम राशि निर्धारित की है। यह पूंजी उन इलाकों की सफाई और पुनर्स्थापन में इस्तेमाल होगी जो अवैध लैंडफिल और अनियमित गतिविधियों से बुरी तरह प्रदूषित हो चुके हैं। इसके अलावा, €10 मिलियन (लगभग ₹88 करोड़) का विशेष बजट उस भूमि को बहाल करने पर खर्च होगा जो पूरी तरह से बंजर और अनुपयोगी हो चुकी है।
🤖 तकनीकी हस्तक्षेप: ड्रोन और AI की निगरानी
अभियान को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने ड्रोन तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित एक निगरानी प्रणाली शुरू की है। इसके जरिए संदिग्ध क्षेत्रों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। यह तकनीकी पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नया मानक स्थापित कर रही है बल्कि भविष्य की अवैध गतिविधियों को रोकने का भी ठोस साधन बन रही है।
🙌 प्रधानमंत्री का संकल्प
प्रधानमंत्री मेलोनी ने इस मिशन में सहयोग देने वाले मंत्रियों, प्रीफेक्ट्स, अभियोजकों और सुरक्षा एजेंसियों का आभार जताया। उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार का संकल्प केवल अवैध कचरा डंपिंग को रोकना ही नहीं, बल्कि प्रभावित इलाकों की इज्ज़त, सेहत और जीवन-गुणवत्ता को वापस लाना है।
🌱 निष्कर्ष
“टेरा देई फुओची” डिक्री कानून सिर्फ एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि ठोस राजनीतिक इच्छाशक्ति और आधुनिक तकनीक के सहारे किसी भी गंभीर पर्यावरणीय संकट पर विजय पाई जा सकती है। यह अभियान इटली के लिए तो ऐतिहासिक है ही, साथ ही दुनिया के अन्य देशों के लिए भी एक प्रेरणा है कि कैसे सख्त कानून और पारदर्शी कार्यवाही से अवैध गतिविधियों को रोका जा सकता है।