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🗳️ रेडिस्ट्रिक्टिंग रिफॉर्म एक्ट: पारदर्शी चुनावी व्यवस्था की नई पहल


अमेरिका में चुनावी नक्शों (electoral maps) को लेकर लंबे समय से विवाद होता रहा है। राजनीतिक दलों पर अक्सर यह आरोप लगता है कि वे अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में हेरफेर करते हैं। इस प्रक्रिया को गेरिमैंडरिंग कहा जाता है। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिकी कांग्रेस के सामने रेडिस्ट्रिक्टिंग रिफॉर्म एक्ट नामक प्रस्ताव फिर से लाया गया है, जिसका मकसद चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाना है।

📌 विधेयक के मुख्य लक्ष्य

यह कानून देशभर में निर्वाचन सीमाओं के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया को नए ढंग से व्यवस्थित करने का प्रयास करता है। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

🧭 क्यों है यह जरूरी?

अतीत में अमेरिका में कई बार ऐसा हुआ कि सत्ताधारी दलों ने अपने हित में जिलों की सीमाएं तय कीं। इसके परिणामस्वरूप मतदाताओं की वास्तविक इच्छाओं का प्रतिबिंब चुनावों में नहीं दिख पाया। रेडिस्ट्रिक्टिंग रिफॉर्म एक्ट इस समस्या को जड़ से समाप्त करने का प्रयास है ताकि हर वोट की अहमियत बनी रहे और लोकतंत्र मजबूत हो।

👥 कौन हैं इसके समर्थक?

इस विधेयक को कांग्रेस सदस्य ज़ो लोफग्रेन ने फिर से प्रस्तुत किया है। इसके साथ ही सीनेटर एलेक्स पाडिला और प्रतिनिधि एडम शिफ़ ने भी खुला समर्थन दिया है। पूर्व हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे लोकतांत्रिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया।

🗣️ विरोध के स्वर

कुछ आलोचकों का मानना है कि निर्वाचन सीमाओं का निर्धारण राज्यों की जिम्मेदारी है, और संघीय स्तर पर हस्तक्षेप संविधान की भावना के विपरीत हो सकता है। यही कारण है कि इस कानून पर राजनीतिक बहस जारी है।

🔍 निष्कर्ष

रेडिस्ट्रिक्टिंग रिफॉर्म एक्ट अमेरिकी लोकतंत्र को और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रस्ताव है। यदि यह कानून पास होता है, तो इससे चुनावी प्रक्रिया पर से पक्षपात का बोझ कम होगा और मतदाताओं को सच्चे प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा।


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