
वॉशिंगटन डी.सी., 20 सितंबर — संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने भाषण से पहले ही “विश्व शांति” को सर्वोच्च प्राथमिकता बताकर चर्चा में हैं। ट्रंप ने साफ किया कि उनका प्रशासन रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है और यह प्रयास केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता से जुड़ा हुआ है।
🔎 रूस-यूक्रेन युद्ध: शांति वार्ता पर ज़ोर
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार लगातार युद्धविराम और संवाद की दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया— “शांति स्थापित करने के लिए जितनी मेहनत मैं कर रहा हूँ, उतनी कोई और नहीं कर रहा।” यह बयान ऐसे समय पर आया है जब युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
☢️ ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्ती
अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान को लेकर भी कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने हाल ही में ईरान की तीन परमाणु साइट्स पर हुए हवाई हमलों का ज़िक्र करते हुए कहा कि “अगर शांति कायम करनी है तो कभी-कभी कठोर कदम भी उठाने पड़ते हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि परमाणु खतरे से निपटना किसी एक देश के बस की बात नहीं, बल्कि इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।
🤝 चीन के साथ संवाद और व्यापारिक रिश्ते
ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हाल ही में हुई मुलाकात का उल्लेख किया। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, तकनीकी विकास और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। ट्रंप ने इसे “सकारात्मक और उत्साहवर्धक” करार देते हुए कहा कि अमेरिका-चीन सहयोग से न सिर्फ आर्थिक प्रगति होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तनाव भी घटेगा।
🌍 “विश्व शांति” की नई परिभाषा
अपने विचार रखते हुए ट्रंप ने कहा— “शांति का अर्थ केवल युद्ध रोक देना नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास, सांस्कृतिक सहयोग और कूटनीतिक समझ का भी नाम है।” उन्होंने उत्तर कोरिया और चीन के साथ अपने पिछले समझौतों का उदाहरण देकर यह जताया कि उनकी रणनीति बहुआयामी है और केवल सैन्य समाधानों पर आधारित नहीं है।