
21 सितंबर 2025 को इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर एक छोटा वीडियो साझा किया। यह वीडियो अमेरिका के पूर्व उप अटॉर्नी जनरल मार्क लेविन के विचारों पर आधारित था। पहली नज़र में यह महज एक सामान्य पोस्ट लग सकता है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने कहीं अधिक गहरे हैं।
🎥 वीडियो की झलक
नेतन्याहू ने लिखा:
“देखिए, अमेरिका के पूर्व उप अटॉर्नी जनरल मार्क लेविन ने क्या कहा।”
सिर्फ 47 सेकंड का यह वीडियो, इज़राइली न्याय प्रणाली और नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे मुकदमों पर लेविन की सख्त राय को सामने लाता है। आंकड़े बताते हैं कि इस पोस्ट को 66.8 हजार से ज्यादा व्यूज़, 2,544 लाइक्स और 445 रीपोस्ट्स मिले—जो इसकी गूंज और प्रभाव का संकेत है।
👤 मार्क लेविन कौन हैं?
मार्क लेविन अमेरिका के एक मशहूर कानूनी विशेषज्ञ, लेखक और मीडिया पर्सनालिटी हैं। वे अमेरिका के न्याय विभाग में उप अटॉर्नी जनरल रह चुके हैं और अपनी रूढ़िवादी विचारधारा के लिए जाने जाते हैं। नेतन्याहू के समर्थन में उनकी प्रतिक्रिया केवल एक कानूनी राय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक राजनीतिक संदेश भी है।
🧭 नेतन्याहू का उद्देश्य
नेतन्याहू द्वारा इस वीडियो को साझा करने के पीछे कई रणनीतिक पहलू छिपे हो सकते हैं:
- वैश्विक मान्यता: अमेरिकी न्यायिक हस्ती की राय दिखाकर वे यह साबित करना चाहते हैं कि उनके खिलाफ मुकदमे राजनीतिक रंग लिए हुए हैं।
- घरेलू समर्थन: सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट उनके समर्थकों में भरोसा पैदा करती है और विरोधियों को जवाब देती है।
- अंतरराष्ट्रीय दबाव: अमेरिका जैसे बड़े देश के पूर्व अधिकारी की टिप्पणी को सामने रखकर वे इज़राइल की न्याय प्रणाली पर अप्रत्यक्ष दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
🌍 अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
हालांकि इस पर अब तक अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन नेतन्याहू का कदम यह दर्शाता है कि उनका संदेश केवल घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं है। यह एक अंतरराष्ट्रीय संकेत है—कि उनके खिलाफ चल रही प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जा सकते हैं और उन्हें बाहर से समर्थन भी मिल रहा है।
📝 निष्कर्ष
नेतन्याहू द्वारा मार्क लेविन की राय साझा करना सिर्फ एक सोशल मीडिया गतिविधि नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति है। यह कदम इज़राइल की न्यायिक व्यवस्था, नेतन्याहू की साख और वैश्विक राजनीति के बीच जटिल रिश्तों को उजागर करता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पोस्ट उनकी कानूनी लड़ाई और राजनीतिक भविष्य को किस दिशा में मोड़ता है।