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🌍 अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस: गुटेरेस का वैश्विक आह्वान


हर साल 21 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाया जाता है। यह केवल एक औपचारिक तिथि नहीं, बल्कि मानवता को हिंसा और युद्ध की अंधेरी सुरंग से बाहर निकालने की पुकार है। इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अपने संदेश में स्पष्ट कहा—“दुनिया युद्धों में उलझी है, लेकिन शांति की मांग और भी बुलंद हो रही है।”

🔥 युद्ध की भयावहता: इंसानियत पर संकट

आज सीरिया, यूक्रेन, अफ्रीका और अन्य कई क्षेत्रों में संघर्ष जारी है। करोड़ों लोग विस्थापित हो रहे हैं, मासूम बच्चे शिक्षा और सुरक्षित बचपन से वंचित हो रहे हैं, और सामान्य जीवन खंड-खंड में टूट रहा है। गुटेरेस ने पीड़ा को उजागर करते हुए कहा कि मानव गरिमा लगातार कुचली जा रही है और जीवन की डोर हर दिन कमजोर हो रही है।

🕊️ शांति: विलासिता नहीं, आवश्यकता

शांति कोई अतिरिक्त विकल्प नहीं, बल्कि अस्तित्व की बुनियादी ज़रूरत है। यह केवल युद्ध विराम तक सीमित नहीं, बल्कि संवाद, आपसी सम्मान और सहयोग की संस्कृति से जुड़ी है। गुटेरेस का संदेश स्पष्ट करता है कि शांति की प्रतीक्षा अब संभव नहीं—आज ही निर्णायक कदम उठाने होंगे।

🌐 दीवारें गिराएं, संवाद के सेतु बनाएं

धर्म, जातीयता, भाषा और सीमाओं के नाम पर खड़ी दीवारें समाज को विभाजित करती हैं। लेकिन पुल—संवाद और समझ के पुल—मानवता को एक करते हैं। महासचिव ने कहा, “हमें हथियारों को मौन करना होगा, पीड़ा को समाप्त करना होगा और भरोसे के पुल खड़े करने होंगे।”

📣 डिजिटल युग में शांति का संदेश

गुटेरेस का यह संदेश वीडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पूरी दुनिया तक पहुँचा। उस वीडियो का शीर्षक था: “Peace cannot wait”—एक वाक्य जो मौजूदा हालात की सबसे कड़ी सच्चाई को सामने रखता है।


✍️ निष्कर्ष

अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस हमें याद दिलाता है कि शांति एक साझा जिम्मेदारी है। जब संयुक्त राष्ट्र का शीर्ष नेता कहता है कि “अब और देर नहीं हो सकती,” तो यह हम सबके लिए चेतावनी और प्रेरणा दोनों है। चाहे राजनीतिक नेतृत्व हो या साधारण नागरिक—हर किसी को अपनी भूमिका निभानी होगी। आइए, इस आह्वान को सुनें और अपने हिस्से का प्रयास करके शांति की मशाल को आगे बढ़ाएं।


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