
लखनऊ, 21 सितंबर 2023 — उत्तर प्रदेश की राजधानी में शनिवार को एक विशेष आयोजन हुआ, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “नमो युवा रन” का शुभारंभ किया। यह दौड़ “सेवा पखवाड़ा” अभियान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से होती है और समापन महात्मा गांधी जयंती पर किया जाएगा। इस पहल का मूल उद्देश्य युवाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है।
🔶 सेवा पखवाड़ा: जनसहभागिता का आंदोलन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि सेवा पखवाड़ा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक व्यापक जन-आंदोलन है। इसमें हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे उत्साह और समर्पण के साथ इस अभियान को सफल बनाएं, क्योंकि “युवा शक्ति ही भारत को नए युग में ले जाने की सबसे बड़ी ताकत है।”
🧠 स्वास्थ्य: आत्मनिर्भर भारत की नींव
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि स्वस्थ शरीर से ही आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि फिट और जागरूक युवा ही राष्ट्र की असली संपत्ति हैं। इसी सोच के तहत पूरे पखवाड़े में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, योग व फिटनेस गतिविधियाँ और निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।
🌱 स्वच्छता: समाज की सजगता का प्रतीक
अभियान के दौरान पूरे राज्य में सफाई कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। स्कूल-कॉलेजों से लेकर सार्वजनिक स्थानों तक विशेष स्वच्छता ड्राइव चलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “स्वच्छता सिर्फ व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि यह सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना का प्रतीक है।”
🇮🇳 विकसित भारत की दिशा में कदम
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि सेवा पखवाड़ा उसी दिशा में बढ़ाया गया एक ठोस कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का एक ठोस प्रयास है।
✅ निष्कर्ष
“नमो युवा रन” और “सेवा पखवाड़ा” जैसे कार्यक्रम युवाओं को स्वास्थ्य, सेवा और स्वच्छता से जोड़कर उन्हें राष्ट्र निर्माण का सक्रिय भागीदार बनाते हैं। यह पहल नए भारत के उस विज़न को मजबूत करती है, जिसमें हर युवा स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनकर देश को विकसित भारत की ओर अग्रसर करता है।