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🇫🇷🕊️ शांति का आह्वान: मैक्रों का संदेश और गाज़ा संकट की प्रासंगिकता


23 सितंबर 2025 को फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने ट्विटर (अब X) पर एक छोटा लेकिन गहरा संदेश साझा किया—
“Le temps de la paix est venu”
अर्थात्, “शांति का समय आ गया है।”

यह वाक्य सिर्फ एक राजनयिक टिप्पणी नहीं था, बल्कि एक ऐसा विचार था जो पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का कारण बना। विशेष रूप से तब, जब गाज़ा पट्टी एक बार फिर मानवीय संकट के दौर से गुजर रही है।


🌍 वैश्विक परिप्रेक्ष्य में मैक्रों का संदेश


🧒 गाज़ा संकट और मासूमों की पीड़ा


🕊️ शांति का अर्थ: केवल युद्धविराम से आगे


🇮🇳 भारत की दृष्टि और भूमिका


✍️ निष्कर्ष

एमैनुएल मैक्रों का “शांति का समय आ गया है” वाला कथन एक साधारण राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि मानवता के लिए नैतिक आह्वान है।

जब गाज़ा के मासूम बच्चे विस्थापन और भय झेल रहे हों, जब दुनिया युद्धों से थक चुकी हो—तब यह संदेश हमें याद दिलाता है कि शांति कोई विलासिता नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की अनिवार्यता है।

👉 शांति की शुरुआत शब्दों से हो सकती है, परंतु उसकी पूर्णता केवल कार्यों से संभव है।


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