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🇮🇳🇺🇸 भारत-अमेरिका की क्वाड के ज़रिए मुक्त और स्वतंत्र इंडो-पैसिफिक की दिशा में प्रतिबद्धता


प्रस्तावना

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र के दौरान भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की द्विपक्षीय वार्ता ने एक बार फिर इस तथ्य को स्पष्ट कर दिया कि भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी आज वैश्विक परिदृश्य में कितनी महत्वपूर्ण हो चुकी है। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित बनाए रखने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई, खासतौर पर क्वाड (Quad) समूह को इस दिशा का केंद्रीय स्तंभ मानते हुए।


क्वाड: 21वीं सदी का सामरिक सूत्र

क्वाड, यानी भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का चार-देशीय गठबंधन, वर्तमान समय की सबसे अहम भू-राजनीतिक संरचनाओं में से एक बनकर उभरा है। इस मंच का मूल उद्देश्य है:

क्वाड केवल एक रणनीतिक गठबंधन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक देशों की एक साझा दृष्टि है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक संतुलन को सुनिश्चित करना चाहती है।


भारत-अमेरिका: साझा दृष्टिकोण की मजबूती

जयशंकर और ब्लिंकन की बैठक से यह संदेश साफ़ मिला कि दोनों देश एक ऐसे इंडो-पैसिफिक की परिकल्पना कर रहे हैं, जहाँ किसी एक शक्ति का प्रभुत्व न हो।


भविष्य की दिशा

इस उच्चस्तरीय बातचीत के बाद कुछ अहम पहलें उभर सकती हैं:

ये पहलें न केवल इंडो-पैसिफिक बल्कि पूरे विश्व को संतुलित और सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण होंगी।


निष्कर्ष

भारत और अमेरिका की यह साझेदारी केवल द्विपक्षीय रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक शांति के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। क्वाड के माध्यम से दोनों देश ऐसा इंडो-पैसिफिक गढ़ने में लगे हैं, जो सहयोग, पारदर्शिता और स्वतंत्रता पर आधारित हो। आने वाले समय में यह गठबंधन एशिया-प्रशांत क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए स्थिरता और भरोसे का आधार बन सकता है।


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