
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई हाल ही में अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में छा गए हैं। वजह बनी है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह सोशल मीडिया संदेश, जिसमें उन्होंने न सिर्फ मिलेई की आर्थिक नीतियों को सराहा, बल्कि आगामी राजनीतिक भविष्य के लिए उन्हें “पूर्ण समर्थन” भी प्रदान किया।
🔎 ट्रंप का संदेश: व्यक्तिगत प्रशंसा या वैचारिक रणनीति?
ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि जेवियर मिलेई ने “अर्जेंटीना को फिर से स्थिरता और आत्मसम्मान लौटाया है।” उन्होंने पिछले वामपंथी नेतृत्व को देश की बदहाल अर्थव्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया और अमेरिकी राजनीति की ओर इशारा करते हुए जो बाइडन को “इतिहास का सबसे असफल राष्ट्रपति” कहा।
यह संदेश केवल व्यक्तिगत रिश्ते का प्रतीक नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दक्षिणपंथी विचारधारा की बढ़ती साझेदारी का स्पष्ट संकेत है।
📊 अर्जेंटीना में मिलेई के सुधार
राष्ट्रपति बनने के बाद मिलेई ने कई बड़े आर्थिक फैसले किए:
- सरकारी खर्चों में व्यापक कटौती
- मुद्रा नियंत्रण व्यवस्था का अंत
- निजीकरण की ओर बढ़ते कदम
इन नीतियों को देश के भीतर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है—कुछ इन्हें साहसिक सुधार मानते हैं तो कुछ जनता पर बोझ बढ़ने का आरोप लगाते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिलेई को “कट्टर सुधारवादी नेता” के रूप में पहचान मिल रही है।
🤝 ट्रंप और मिलेई: विचारधारा की समान धारा
दोनों नेताओं की सोच कई मुद्दों पर मेल खाती है:
- छोटी सरकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर जोर
- राष्ट्रवाद और आर्थिक संप्रभुता की वकालत
- वामपंथी नीतियों की तीखी आलोचना
इसी कारण ट्रंप का समर्थन महज़ औपचारिक नहीं, बल्कि एक साझा वैचारिक गठबंधन की झलक है।
🌐 संभावित असर और आगे की राह
ट्रंप के समर्थन से अर्जेंटीना की राजनीति में नई हलचल तेज़ हो सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मिलेई इस अंतरराष्ट्रीय समर्थन को घरेलू चुनावी लाभ में बदल पाते हैं या नहीं।
साथ ही, यह घटनाक्रम यह भी साबित करता है कि सोशल मीडिया अब केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति का निर्णायक मंच बन चुका है, जहाँ विचारधाराएँ और समर्थन सीधे जनता तक पहुँच रहे हैं।