
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की हालिया उच्चस्तरीय मुलाकात ने यूरोप की सामूहिक सुरक्षा और रूस के बढ़ते दबाव के खिलाफ साझा रणनीति को मजबूती दी है। यह संवाद ऐसे समय हुआ जब रूस की सैन्य गतिविधियाँ पड़ोसी देशों की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।
🔑 वार्ता के अहम बिंदु
- यूक्रेन की वायु सुरक्षा: ज़ेलेंस्की ने फ्रांस से आग्रह किया कि वह आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराए। रूस द्वारा पोलैंड, रोमानिया और डेनमार्क में ड्रोन उड़ानों तथा एस्टोनिया के नज़दीक लड़ाकू विमानों की सक्रियता ने सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है।
- रूसी आक्रामकता पर साझा रुख: दोनों नेताओं का मत था कि रूस की बढ़ती सैन्य हरकतों का जवाब यूरोप को सामूहिक रूप से और त्वरित गति से देना होगा।
- जमी हुई रूसी संपत्तियों का उपयोग: बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि यूरोप में फ्रीज़ की गई रूसी संपत्तियों को यूक्रेन के पुनर्निर्माण और राहत अभियानों में कैसे लगाया जा सकता है।
- छाया टैंकर नेटवर्क पर कार्रवाई: रूस द्वारा प्रतिबंधों से बचने के लिए बनाए गए गुप्त टैंकर बेड़े पर नए प्रतिबंध लगाने पर भी विचार किया गया।
🤝 फ्रांस का योगदान
ज़ेलेंस्की ने राष्ट्रपति मैक्रों और फ्रांस का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनका सहयोग केवल यूक्रेन की संप्रभुता की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे यूरोप में शांति और स्थिरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। फ्रांस पहले भी सैन्य सहायता, मानवीय सहयोग और कूटनीतिक समर्थन प्रदान कर चुका है।
🌍 यूरोप के लिए संदेश
यह बैठक केवल द्विपक्षीय रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि यूरोपीय संघ और नाटो को भी यह स्पष्ट संदेश देती है कि रूस की आक्रामक नीतियों को अब और नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। आज यूक्रेन की सुरक्षा, यूरोप की सामूहिक सुरक्षा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुकी है।
⚖️ यह वार्ता इस बात की गवाही है कि लोकतांत्रिक देश मिलकर न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए, बल्कि वैश्विक शांति और संतुलन के लिए भी साथ खड़े हैं। आने वाले समय में यह सहयोग रूस पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन को पुनर्निर्माण की दिशा में निर्णायक समर्थन देने वाला साबित हो सकता है।