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🏢 उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का शुभारंभ: पीएम मोदी ने दिया आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी का संदेश


25 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (Uttar Pradesh International Trade Show) का उद्घाटन किया। यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत की औद्योगिक और आर्थिक महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक माना जा रहा है।

🌐 व्यापार और निवेश का नया द्वार

यह मेला उत्तर प्रदेश को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का प्रयास है। ग्रेटर नोएडा, जो पहले से ही औद्योगिक और आईटी हब के रूप में प्रसिद्ध है, अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश आकर्षित करने के केंद्र के रूप में उभर रहा है। इस आयोजन में देश-विदेश से उद्योगपति, निवेशक, स्टार्टअप्स और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं।

🔑 प्रधानमंत्री का संदेश

पीएम मोदी ने अपने उद्घाटन भाषण में “वोकल फॉर लोकल” और “मेक इन इंडिया” जैसे अभियानों की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले भारत की उत्पादन क्षमता और तकनीकी नवाचार को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

🏭 उत्तर प्रदेश की भूमिका

उत्तर प्रदेश लंबे समय से भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि और श्रम शक्ति के रूप में योगदान करता रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में राज्य ने इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा निर्माण, टेक्सटाइल, MSME और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। यह मेला इन सभी क्षेत्रों की उपलब्धियों और संभावनाओं को प्रदर्शित करेगा।

🌏 वैश्विक साझेदारी की ओर

इस आयोजन का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला (Global Supply Chain) का अभिन्न हिस्सा बनाने में मदद करेगा। विदेशी निवेशकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए यह मेला भारत के साथ साझेदारी करने का सीधा अवसर है।

📈 रोजगार और स्थानीय विकास

ऐसे आयोजनों का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और उद्यमिता को प्रोत्साहन है। छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है।


निष्कर्ष
ग्रेटर नोएडा में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक कूटनीति और विकास दृष्टि का विस्तार है। प्रधानमंत्री मोदी का उद्घाटन इस बात का संकेत है कि भारत अब वैश्विक व्यापार की प्रतिस्पर्धा में एक मजबूत और आत्मनिर्भर खिलाड़ी के रूप में खड़ा है।


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