
भारत सरकार ने रोजगार वृद्धि और औद्योगिक विकास को एक साथ गति देने के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) की शुरुआत की है। यह योजना उन युवाओं के लिए नए द्वार खोलती है, जो स्थायी रोजगार की तलाश में हैं, और उन उद्यमों के लिए भी सहायक है, जो आर्थिक बोझ के कारण नई भर्तियाँ करने में हिचकिचाते हैं।
🎯 योजना के प्रमुख लक्ष्य
- देशभर में नए रोज़गार के अवसर पैदा करना।
- निजी क्षेत्र की नियुक्तियों को आसान और आकर्षक बनाना।
- युवाओं को सामाजिक सुरक्षा की सुविधा से जोड़ना।
- MSME और स्टार्टअप जैसे उभरते उद्योगों को बढ़ावा देना।
💰 योजना के अंतर्गत लाभ
- यदि कोई नियोक्ता नए कर्मचारी को नियुक्त करता है तो सरकार प्रति कर्मचारी ₹3,000 मासिक तक की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराती है।
- यह लाभ अधिकतम 24 महीने तक दिया जाता है।
- राशि सीधे कर्मचारी के EPFO खाते में जमा होती है, जिससे भविष्य में पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएँ सुनिश्चित होती हैं।
👥 किन्हें मिलेगा लाभ?
- केवल वे नियोक्ता, जो EPFO में पंजीकृत हैं।
- वे कर्मचारी जिनकी नियुक्ति 1 अप्रैल 2024 के बाद की गई हो।
- कर्मचारी का मासिक वेतन ₹15,000 से कम हो।
- कर्मचारी का पहली बार EPFO पंजीकरण होना चाहिए।
📈 संभावित प्रभाव
यह योजना भारत में औपचारिक रोजगार को गति देगी। युवाओं को दीर्घकालिक नौकरी सुरक्षा और सामाजिक लाभ मिलेंगे। दूसरी ओर, छोटे और मध्यम उद्योगों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे वे उत्पादन क्षमता और नियुक्तियों दोनों में वृद्धि कर पाएंगे।
🏢 उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
MSME और स्टार्टअप्स इस पहल को रोजगार सृजन की दिशा में व्यावहारिक कदम मान रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रोजगार बाजार में स्थिरता आएगी और उद्यमों को कुशल श्रमिकों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
📲 आवेदन की प्रक्रिया
नियोक्ता श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour & Employment) की आधिकारिक वेबसाइट से योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, कर्मचारी का पंजीकरण EPFO पोर्टल पर कराना अनिवार्य होगा।
✍️ निष्कर्ष
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि रोज़गार और सामाजिक सुरक्षा को जोड़ने वाला सेतु है। यह युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, उद्योगों की वृद्धि में सहायक होगी और भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।