
भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना और इसके माध्यम से पूरे परिवार और समाज को सशक्त बनाना है। इस पहल में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) भी सक्रिय भागीदार के रूप में शामिल है, जो देशभर के अस्पतालों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर रही है।
🎯 अभियान के मुख्य उद्देश्य
- महिलाओं को मुफ्त स्वास्थ्य जांच और परामर्श उपलब्ध कराना
- पोषण माह के अवसर पर महिलाओं में स्वास्थ्य और पोषण जागरूकता फैलाना
- कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देना
- महिला स्वास्थ्य के महत्व को परिवार के संपूर्ण कल्याण से जोड़ना
🏥 ESIC अस्पतालों की सक्रिय भागीदारी
ESIC अस्पतालों ने इस अभियान के तहत विभिन्न स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें महिलाएं इन सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं:
- उच्च रक्तचाप, मधुमेह, एनीमिया जैसी बीमारियों की जांच
- पोषण विशेषज्ञों द्वारा व्यक्तिगत आहार सलाह
- मानसिक स्वास्थ्य पर मार्गदर्शन और परामर्श
- मातृत्व और प्रसव पूर्व देखभाल संबंधी जानकारी
👩⚕️ महिला स्वास्थ्य = परिवार की मजबूत नींव
भारतीय समाज में महिलाएं परिवार की देखभाल का मुख्य आधार होती हैं, लेकिन अक्सर अपनी सेहत की अनदेखी करती हैं। यह अभियान इस मानसिकता को बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जब महिलाएं स्वस्थ होंगी, तब उनका परिवार भी स्वस्थ और खुशहाल रहेगा। यही इस पहल का केंद्रीय संदेश है।
📢 जनजागरूकता और डिजिटल अभियान
इस पहल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय रूप से प्रचारित किया जा रहा है। मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर साझा की गई पोस्ट्स में महिलाओं की मुस्कान और आत्मविश्वास को उजागर किया गया है। डॉ. मनसुख मंडाविया सहित अन्य प्रमुख व्यक्तियों को टैग कर इसे व्यापक जनसमर्थन दिलाने की कोशिश की गई है।
🔍 निष्कर्ष
“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” केवल एक स्वास्थ्य अभियान नहीं, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सामाजिक क्रांति है। यह पहल महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर और समाज में मजबूत बनाने में भी योगदान दे रही है।