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🛑 उत्तर प्रदेश जेल में पूर्व मंत्री पर हिंसक हमला: न्यायिक जांच की माँग तेज़


उत्तर प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। 30 सितंबर 2025 की रात को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर जेल परिसर में हुए गंभीर हमले ने राज्य में कानून-व्यवस्था की गंभीरता पर नई चिंताएँ पैदा कर दी हैं।

📍 घटना का सार

जानकारी के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब प्रजापति जेल में थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में उन्हें घायल अवस्था में देखा गया, और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था। उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किस वजह से हुआ और इसमें कौन-कौन शामिल था। इस घटना ने जेलों में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है।

🗣️ राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि इस मामले में “निष्पक्ष न्यायिक जांच” होना आवश्यक है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा:

“पूर्व मंत्री और विधायक गायत्री प्रसाद प्रजापति पर जेल में हुआ हमला चिंता का विषय है। यूपी में कोई भी सुरक्षित नहीं है। न्याय सुनिश्चित होना चाहिए।”

इस बयान ने न केवल विपक्षी दलों को सक्रिय किया, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा की।

⚖️ न्यायिक जांच की माँग

विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना को गंभीर मानते हुए उच्च न्यायालय या स्वतंत्र एजेंसी से जांच की माँग की है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” का मामला भी बताया है।

🚨 जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

उत्तर प्रदेश की जेलों में पहले भी हिंसा और भ्रष्टाचार की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, लेकिन किसी पूर्व मंत्री पर इस तरह का हमला असामान्य और गम्भीर माना जा रहा है। यह घटना जेलों में सुरक्षा के कमजोर ढाँचे को उजागर करती है और सुधार की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।

📌 निष्कर्ष

गायत्री प्रसाद प्रजापति पर हमला केवल एक व्यक्ति की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे न्यायिक और प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाता है। यदि एक पूर्व मंत्री जेल में सुरक्षित नहीं रह सकता, तो सामान्य कैदियों की सुरक्षा की कल्पना करना भी कठिन है। इस घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई ही न्याय सुनिश्चित कर सकती है।


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