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यूपी में नकली आलू का खेल! गोरखपुर मंडी से 500 क्विंटल आलू जब्त

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में मिलावटखोरी का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला गोरखपुर जिले का है, जहाँ खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारकर करीब 500 क्विंटल आलू जब्त किए। बताया जा रहा है कि इन आलुओं को रसायनों से रंगकर कृत्रिम रूप से चमकदार और ताज़ा दिखाया गया था।

कैसे खुला आलू घोटाले का राज?

जाँच टीम ने मंडी से आलू के नमूने लिए और उन्हें पानी में डाला। जैसे ही आलू पानी में गया, पानी का रंग लाल हो गया। इससे यह साफ हो गया कि आलू पर किसी प्रकार का रासायनिक कलर (chemical colour) चढ़ाया गया है। आलू तमिलनाडु और फर्रुखाबाद से ट्रकों के जरिए लाए गए थे और स्थानीय मंडी में बेचे जा रहे थे।

उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे रसायनयुक्त आलू सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं।

यह त्वचा संबंधी रोग पैदा कर सकता है।

लंबे समय तक सेवन करने पर किडनी और लिवर पर असर डाल सकता है।

कुछ मामलों में यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी कारण बन सकता है।

प्रशासन की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने जब्त आलुओं के नमूने लैब भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने तक सभी आलुओं को सीज रखा गया है। विभाग ने साफ कहा है कि यदि परीक्षण में मिलावट साबित होती है तो पूरे स्टॉक को नष्ट कर दिया जाएगा।

उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी

खाद्य विभाग ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि आलू का रंग असामान्य लगे या पानी में डालने पर उसका रंग बदल जाए, तो उसे तुरंत फेंक दें और खरीदते समय ऐसी सब्जियों से बचें।

✍️ निष्कर्ष

गोरखपुर की यह घटना बताती है कि खाने-पीने की चीजों में मिलावटखोरी किस हद तक पहुँच चुकी है। नकली आलू का यह मामला सिर्फ गोरखपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के कई जिलों में इसी तरह के मामले सामने आ चुके हैं। ज़रूरत है कि उपभोक्ता जागरूक रहें और प्रशासन ऐसे मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई करे।

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