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📰 ट्रंप का शांति प्रस्ताव: ग़ज़ा संकट से नेतन्याहू को निकालने की राजनीतिक रणनीति


प्रस्तावना

मध्य पूर्व का संघर्ष दशकों से वैश्विक राजनीति का सबसे जटिल प्रश्न रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तथाकथित “शांति प्रस्ताव” सामने आया, जिसने नई बहस को जन्म दे दिया है। इसे केवल इज़राइल समर्थक दस्तावेज़ ही नहीं, बल्कि नेतन्याहू को ग़ज़ा संकट और राजनीतिक अस्थिरता से बचाने का औजार भी माना जा रहा है।

प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु

नेतन्याहू के लिए राजनीतिक सहारा

उस समय नेतन्याहू भारी दबाव में थे—ग़ज़ा में सैन्य कार्रवाई पर अंतरराष्ट्रीय आलोचना, घरेलू स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप और चुनावी अनिश्चितता ने उनकी स्थिति डगमगा दी थी।
ट्रंप का प्रस्ताव उनके लिए राहत का माध्यम साबित हुआ:

फ़िलिस्तीन की नाराज़गी

फ़िलिस्तीनी नेतृत्व ने इसे साफ़ तौर पर ठुकरा दिया। उनके लिए यह प्रस्ताव न्यायसंगत नहीं, बल्कि इज़राइल-केंद्रित रणनीति था।

वैश्विक प्रतिक्रिया

निष्कर्ष

ट्रंप का प्रस्ताव वास्तविक समाधान से अधिक एक राजनीतिक हथियार प्रतीत होता है, जिसने नेतन्याहू को अस्थायी सहारा और इज़राइल को अंतरराष्ट्रीय वैधता प्रदान करने का प्रयास किया। किंतु फ़िलिस्तीनी जनता की आकांक्षाओं और न्यायपूर्ण समाधान की दिशा में यह कोई ठोस कदम नहीं बढ़ाता। इस दृष्टि से यह पहल “शांति प्रस्ताव” कम और इज़राइली प्रभुत्व को संस्थागत करने की योजना अधिक दिखाई देती है।


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