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🇺🇦 “रूस को परिणाम भुगतने होंगे”: जेलेंस्की का कड़ा संदेश और वैश्विक शक्तियों से निर्णायक कदम की मांग


लेखक: अनूप सिंह

यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 4 अक्टूबर 2025 को अपने आधिकारिक एक्स (Twitter) अकाउंट पर एक भावनात्मक और कठोर संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने रूस पर “आतंकवादी और निंदनीय तरीकों” से युद्ध को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।

🔥 रूस पर “आतंकवादी युद्ध” चलाने का आरोप

जेलेंस्की ने कहा कि रूस “हर उस अवसर को ठुकरा देता है जो शांति की दिशा में ले जा सकता है।” उनके अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का मकसद युद्ध को रोकना नहीं, बल्कि उसे और बढ़ाना है — वह भी आतंकवादी हमलों और निर्दोष नागरिकों पर हमलों के जरिये। उन्होंने विशेष रूप से शोस्तका (Shostka) शहर पर हुए “निर्दयी हवाई हमलों” का उल्लेख किया, जिनमें कई आम नागरिकों की मौत हुई।

जेलेंस्की ने कहा,

“रूस को अपने कृत्यों के परिणाम भुगतने होंगे। यूरोप, अमेरिका, जी7 और जी20 देशों के पास इस तरह के आतंकवाद से निपटने की शक्ति है।”

🌍 अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट प्रतिक्रिया की मांग

यूक्रेनी राष्ट्रपति का यह संदेश न केवल रूस को चेतावनी है, बल्कि यह वैश्विक समुदाय के लिए भी एक नैतिक अपील है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब विश्व शक्तियां केवल “बयान” जारी करने के बजाय कठोर कदम उठाएं।
उनका संकेत स्पष्ट था — रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों को और सख्त किया जाए, और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यूक्रेन के समर्थन में ठोस रणनीति अपनाई जाए।

⚖️ युद्ध की कीमत: मानवता का संकट

इस युद्ध ने न केवल यूक्रेन की धरती को जख्मी किया है, बल्कि लाखों निर्दोष लोगों के जीवन को भी तबाह कर दिया है। शोस्तका, खारकीव और डोनेत्स्क जैसे शहरों में लगातार बमबारी के कारण बुनियादी ढांचा ध्वस्त हो गया है। स्कूल, अस्पताल और घर — सब कुछ मलबे में तब्दील हो चुका है।

जेलेंस्की बार-बार कहते आए हैं कि “यह केवल यूक्रेन का युद्ध नहीं, बल्कि पूरी मानवता की परीक्षा है।” उनका यह वक्तव्य एक बार फिर उसी भावना को दोहराता है।

🕊️ क्या वैश्विक शक्तियां निर्णायक कदम उठाएंगी?

यूरोप, अमेरिका और जी7 देशों ने पहले ही रूस पर प्रतिबंधों की कई परतें लगाई हैं, परंतु अब सवाल यह है कि क्या वे इन कदमों को और आगे बढ़ाने की हिम्मत दिखाएंगे?
जेलेंस्की के ताजा बयान ने इस बहस को फिर से जिंदा कर दिया है — क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय “राजनीतिक गणित” से ऊपर उठकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाएगा?

✍️ निष्कर्ष

वोलोदिमिर जेलेंस्की का यह संदेश केवल एक राष्ट्राध्यक्ष का बयान नहीं, बल्कि युद्ध से त्रस्त मानवता की पुकार है। रूस को परिणाम भुगतने होंगे — यह चेतावनी सिर्फ यूक्रेन के लिए नहीं, बल्कि उन सभी के लिए है जो दुनिया में आक्रामकता और आतंक के बल पर अपनी सत्ता कायम रखना चाहते हैं

अब जिम्मेदारी वैश्विक शक्तियों की है — क्या वे इस चुनौती का सामना एकजुट होकर करेंगी या फिर इतिहास उन्हें मौन दर्शक के रूप में याद करेगा?


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