
दिल्ली पुलिस की विशेष स्टाफ इकाई और हरियाणा क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक बड़े अपराधी को ढेर कर संगठित अपराध के खिलाफ अहम सफलता दर्ज की है। यह अपराधी मई 2024 में दिल्ली के जंगपुरा क्षेत्र में एक डॉक्टर की हत्या के बाद फरार हुआ था और उस पर ₹50,000 का इनाम घोषित था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह व्यक्ति लंबे समय से नेपाली गिरोह के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था और कई राज्यों में गंभीर वारदातों में शामिल रहा है।
🔍 अपराधी का आपराधिक इतिहास
- मई 2024 में जंगपुरा में डॉक्टर हत्याकांड के बाद आरोपी नेपाल भाग गया था।
- वह एक कुख्यात नेपाली गिरोह से जुड़ा था, जो लूट, हत्या और अवैध वसूली जैसी घटनाओं में सक्रिय था।
- आरोपी के खिलाफ गुरुग्राम, बेंगलुरु, सूरत और गाज़ियाबाद में कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
- पुलिस के अनुसार, वह फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर लगातार शहर बदलता रहा ताकि गिरफ्तारी से बच सके।
🔫 मुठभेड़ की पूरी कहानी
पुलिस को खुफिया तंत्र के जरिए सूचना मिली कि आरोपी हरियाणा सीमा में छिपा हुआ है। इसके बाद दिल्ली पुलिस की विशेष स्टाफ और हरियाणा क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त रूप से उसे पकड़ने के लिए ऑपरेशन चलाया।
जब टीम ने संदिग्ध को घेरने का प्रयास किया, तो उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल से एक पिस्तौल, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।
👮♂️ पुलिस की रणनीतिक सफलता
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मुठभेड़ को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई न केवल संगठित अपराध नेटवर्क पर करारा प्रहार है, बल्कि इससे राजधानी और NCR क्षेत्र में अपराधियों के हौसले भी पस्त होंगे।
इस ऑपरेशन में तकनीकी निगरानी, कॉल ट्रेसिंग और इंटर-स्टेट इंटेलिजेंस साझा करने की भूमिका निर्णायक रही। पुलिस ने बताया कि यह केस “क्रॉस-जूरिडिक्शनल कोऑर्डिनेशन” का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
📢 निष्कर्ष
यह मुठभेड़ इस बात का प्रमाण है कि कानून व्यवस्था पर अपराधी कितना भी प्रभाव डालने की कोशिश करें, अंततः न्याय की जीत होती है। दिल्ली पुलिस और हरियाणा क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई ने दिखा दिया है कि संगठित अपराध के खिलाफ अब किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
इस ऑपरेशन ने न केवल जनता में विश्वास को मजबूत किया है, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि अपराध के रास्ते पर चलने वालों का अंत निश्चित है — कानून के हाथ बहुत लंबे हैं।