Site icon HIT AND HOT NEWS

🇮🇳 भारत बना iPhone निर्यात का वैश्विक शक्ति केंद्र: 10 अरब डॉलर की ऐतिहासिक छलांग


भारत ने तकनीकी निर्माण (tech manufacturing) के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर) के दौरान देश से iPhone का निर्यात रिकॉर्ड 5 अरब डॉलर तक पहुँच गया — जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 75% अधिक है। अनुमान है कि वर्ष के अंत तक यह आँकड़ा 10 अरब डॉलर को पार कर जाएगा, जिससे भारत पहली बार iPhone निर्यात में इस स्तर तक पहुँचने वाला देश बन जाएगा।

📊 तीन वर्षों में असाधारण प्रगति वित्त वर्ष iPhone निर्यात (अप्रैल–सितंबर) FY22 $0.5 अरब FY23 $2.5 अरब FY24 $5.0 अरब

इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि भारत ने सिर्फ तीन वर्षों में iPhone निर्यात को तीन गुना से भी अधिक बढ़ाया है। यह केवल उत्पादन की सफलता नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर “मेड इन इंडिया” की विश्वसनीयता का प्रतीक भी है।

🏭 भारत की सफलता के पीछे कौन हैं?

इस उपलब्धि के केंद्र में हैं Apple के तीन प्रमुख विनिर्माण साझेदार — Foxconn Hon Hai, Pegatron और Wistron (अब Tata Group का हिस्सा)। इन कंपनियों ने न केवल उत्पादन का विस्तार किया है, बल्कि भारत के हज़ारों युवाओं को नए रोजगार के अवसर भी प्रदान किए हैं। इससे भारत वैश्विक सप्लाई चेन में एक निर्णायक भूमिका निभाने लगा है।

🌍 ‘मेड इन इंडिया’ की वैश्विक पहचान मजबूत

काउंटरपॉइंट रिसर्च के वरिष्ठ विश्लेषक प्राचीर सिंह के शब्दों में, “भारत अब Apple के लिए सिर्फ एक निर्माण स्थल नहीं रहा, बल्कि एक रणनीतिक निर्यात केंद्र के रूप में उभर चुका है।” यह परिवर्तन भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI)’ योजनाओं की सफलता को दर्शाता है, जिन्होंने विदेशी निवेश और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोले हैं।

⚙️ नीति, नवाचार और आत्मनिर्भरता का संगम

PLI जैसी योजनाओं ने वैश्विक कंपनियों को भारत में विनिर्माण इकाइयाँ स्थापित करने के लिए प्रेरित किया है। इसके चलते देश ने तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है, साथ ही निवेश, रोजगार और निर्यात के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।

📱 आगे की राह: भारत की तकनीकी छलांग

यदि वर्तमान रफ्तार बरकरार रही, तो आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। iPhone के अलावा अन्य अंतरराष्ट्रीय टेक कंपनियाँ भी भारत को अपने मुख्य उत्पादन स्थल के रूप में देख रही हैं — जिससे देश की अर्थव्यवस्था और भी सुदृढ़ होगी।


Exit mobile version