
नई दिल्ली में आयोजित भारत मोबाइल कांग्रेस 2025 का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ तकनीकी उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार का नेतृत्वकर्ता बन चुका है। प्रधानमंत्री ने टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में हो रही प्रगति को “आत्मनिर्भर भारत” के वास्तविक स्वरूप के रूप में प्रस्तुत किया।
📶 टेलीकॉम क्षेत्र में भारत की क्रांतिकारी उड़ान
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते एक दशक में भारत ने दूरसंचार के क्षेत्र में ऐसी छलांग लगाई है, जिसकी मिसाल विश्व के कुछ ही देशों में देखने को मिलती है।
उन्होंने बताया कि—
- देश के गांव-गांव तक तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुँचा दी गई है।
- डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत करोड़ों नागरिक अब ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
- स्टार्टअप्स और MSMEs को सरकार के डिजिटल बुनियादी ढांचे से नई ऊर्जा मिल रही है।
प्रधानमंत्री ने यह भी जोड़ा कि भारत का 5G नेटवर्क दुनिया में सबसे तेजी से फैलने वाला नेटवर्क बन चुका है, और अब 6G की दिशा में भी कार्य प्रारंभ हो चुका है।
🖥️ इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में ऐतिहासिक वृद्धि
प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 की तुलना में आज भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन छह गुना बढ़ चुका है। यह वृद्धि केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता की ठोस नींव बन चुकी है।
उन्होंने उल्लेख किया—
- भारत अब मोबाइल फोन निर्माण में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल है।
- सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन में विदेशी निवेशक भारत की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
- मेक इन इंडिया और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी नीतियाँ इस क्षेत्र में परिवर्तन का केंद्र बनी हैं।
🌐 तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त भारत
भारत मोबाइल कांग्रेस 2025 सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि नवाचार, उद्योग और नीति संवाद का साझा मंच है। यहाँ युवा उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक, नीति विशेषज्ञ और वैश्विक निवेशक एक साथ भारत की डिजिटल प्रगति का खाका तैयार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “आत्मनिर्भर भारत अब केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक व्यवहारिक रणनीति है, जो हर क्षेत्र में तकनीकी स्वतंत्रता को साकार कर रही है।”
🔍 निष्कर्ष
भारत मोबाइल कांग्रेस 2025 ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत की टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स यात्रा अब विश्व स्तर पर नई दिशा तय कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश केवल प्रगति की कहानी नहीं, बल्कि ‘डिजिटल लोकतंत्र’ के उस युग की घोषणा है, जहाँ तकनीक, नवाचार और आत्मनिर्भरता मिलकर भारत को एक सशक्त वैश्विक शक्ति बना रहे हैं।