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🇮🇳 भारतीय विदेश सेवा दिवस 2025: विश्व स्तर पर भारत की प्रभावशाली पहचान का उत्सव 🇮🇳


हर साल 9 अक्टूबर को भारतीय विदेश सेवा (IFS) दिवस मनाया जाता है। यह केवल हमारे कूटनीतिक अधिकारियों के अथक प्रयासों को सम्मानित करने का दिन नहीं है, बल्कि उस दूरदर्शिता, रणनीति और साहस का प्रतीक है जिसने भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती और प्रभावशाली स्थिति दिलाई है।

🌐 एक बदलते विश्व में IFS की अहमियत

2025 के दौर में जब वैश्विक राजनीति जटिलताओं, आर्थिक उतार-चढ़ाव और पर्यावरणीय संकटों से जूझ रही है, ऐसे समय में भारतीय विदेश सेवा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। IFS अधिकारी न केवल भारत के हितों की सुरक्षा कर रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्यों को साकार करने में भी निर्णायक योगदान दे रहे हैं।

🕊️ कूटनीति से लेकर राष्ट्रीय विकास तक

IFS अधिकारियों का कार्य केवल राजनयिक बैठकों तक सीमित नहीं है। वे वैश्विक व्यापार समझौते, प्रौद्योगिकी सहयोग, सैन्य साझेदारियाँ, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से भारत की ताकत और आत्मनिर्भरता बढ़ा रहे हैं। उनके प्रयास भारत को एक सांस्कृतिक और आधुनिक राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करते हैं, जो अपनी परंपराओं के साथ भी दृढ़ता से जुड़ा है।

📸 समारोह और प्रेरणादायक संदेश

इस वर्ष, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने IFS दिवस पर एक संदेश साझा किया:

“एक अस्थिर विश्व में, आपका योगदान न केवल राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा करता है, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा को भी मजबूत करता है।”

इस अवसर पर राजनयिक बैठकों, औपचारिक समारोहों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की तस्वीरें साझा की गईं, जो IFS अधिकारियों की बहुआयामी और गतिशील भूमिका को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।

🌏 भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका

आज भारत न केवल G20, BRICS, और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय नेतृत्व कर रहा है, बल्कि वैश्विक दक्षिण की आवाज़ भी बन चुका है। IFS अधिकारी इस परिवर्तन के प्रमुख वाहक हैं। वे भारत की नीतियों को स्पष्टता, आत्मविश्वास और गरिमा के साथ पेश करते हैं, जिससे विश्व भारत को एक भरोसेमंद, स्थिर और दूरदर्शी साझेदार के रूप में देखता है।

🎖️ निष्कर्ष

भारतीय विदेश सेवा दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं है। यह उस सतत प्रयास का प्रतीक है, जो भारत को वैश्विक स्तर पर विकसित, आत्मनिर्भर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र के रूप में स्थापित करता है। IFS अधिकारी वास्तव में हमारे देश के सच्चे राजदूत हैं, जो हर चुनौती में अवसर देखना जानते हैं और भारत का मान बढ़ाते हैं।


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