
मुंबई में संपन्न हुआ ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और तकनीकी नवाचार का एक अद्भुत संगम बन गया। पहली बार भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री श्री कीयर स्टारमर ने एक ही मंच से डिजिटल वित्तीय भविष्य की साझा दृष्टि प्रस्तुत की। इस आयोजन ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि फिनटेक अब केवल आर्थिक विकास का साधन नहीं, बल्कि वैश्विक सहयोग की प्रेरक शक्ति बन चुका है।
🇮🇳🇬🇧 दो लोकतांत्रिक देशों की साझा आर्थिक दृष्टि
भारत और ब्रिटेन दोनों ही देश फिनटेक क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत की डिजिटल यात्रा—यूपीआई (UPI) प्रणाली, जनधन योजना, और डिजिटल इंडिया मिशन—के माध्यम से हुए व्यापक वित्तीय समावेशन पर प्रकाश डाला। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री स्टारमर ने ब्रिटेन की फिनटेक रणनीति, डेटा सुरक्षा तंत्र, और भारत के साथ प्रौद्योगिकी-आधारित सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता जताई।
💡 फिनटेक नवाचारों की नई दिशा
सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन, डिजिटल पेमेंट्स, और वित्तीय पारदर्शिता जैसे उभरते क्षेत्रों पर गहन चर्चा हुई। भारतीय स्टार्टअप्स और नीति निर्माताओं ने जहां नवाचार की झलक प्रस्तुत की, वहीं ब्रिटेन से आए उद्योग विशेषज्ञों और निवेशकों ने वैश्विक बाजार में साझेदारी के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
एक महत्वपूर्ण घोषणा के रूप में, भारत-ब्रिटेन संयुक्त फिनटेक कार्यसमूह की स्थापना की गई जो नीति समन्वय, साइबर सुरक्षा, और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए काम करेगा।
📈 वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 ने इस बात को रेखांकित किया कि भारत अब वैश्विक फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र का नेतृत्व कर रहा है। ब्रिटेन के साथ सहयोग से भारत को यूरोपीय बाजारों तक सहज पहुंच मिलेगी, जबकि ब्रिटेन को भारत की डिजिटल क्षमता, युवा उद्यमिता, और तकनीकी कौशल का लाभ प्राप्त होगा।
यह साझेदारी न केवल आर्थिक दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि यह वैश्विक दक्षिण और वैश्विक उत्तर के बीच आर्थिक संतुलन और विश्वास को सशक्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।