
✍️ लेखक: अनूप के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस के हालिया ड्रोन और मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यह न केवल यूक्रेन की संप्रभुता पर हमला है, बल्कि पूरी मानवता के विरुद्ध अपराध है। उन्होंने अपने नवीनतम संदेश में दावा किया कि रूस ने बीती रात लगभग 500 ड्रोन और 32 मिसाइलें यूक्रेनी इलाकों पर दागीं, जिनमें से 300 ईरानी-निर्मित “शाहेद” ड्रोन थे।
🔥 “रूस ने फिर पार की बर्बरता की सीमा”
ज़ेलेंस्की ने अपने संबोधन में कहा —
“जब दुनिया शांति की दिशा में कदम बढ़ाने की कोशिश कर रही है, उसी समय रूस ने आतंक की नई पटकथा लिख दी है। यह युद्ध नहीं, बल्कि भय फैलाने की नीति है।”
उन्होंने रूस पर आरोप लगाया कि वह मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय ध्यान को भटकाने की कोशिश कर रहा है ताकि यूक्रेन पर अपने हमले तेज कर सके।
🌍 अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कार्रवाई की मांग
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने वैश्विक नेताओं से आग्रह किया कि वे केवल निंदा तक सीमित न रहें, बल्कि रूस के खिलाफ ठोस कदम उठाएँ। उनके अनुसार —
- रूस पर आर्थिक और सैन्य प्रतिबंधों को और सख्त किया जाए।
- रूस की जब्त की गई संपत्तियों का उपयोग यूक्रेन के पुनर्निर्माण और रक्षा में किया जाए।
- युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पेश किया जाए।
ज़ेलेंस्की का कहना था कि “यदि रूस को अब नहीं रोका गया, तो वह अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवता दोनों के लिए ख़तरा बन जाएगा।”
🕊️ शांति और संघर्ष के बीच फँसा विश्व
यह बयान उस समय आया है जब मध्य पूर्व में शांति वार्ताओं की संभावनाएँ बढ़ रही हैं। ज़ेलेंस्की ने कहा कि जब कुछ देश सुलह और स्थिरता की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, तब रूस का यह रवैया वैश्विक शांति के लिए सीधा खतरा है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “दुनिया को यह तय करना होगा कि वह शांति के पक्ष में है या आतंक के।”
📌 निष्कर्ष
ज़ेलेंस्की का यह वक्तव्य केवल रूस की आलोचना नहीं, बल्कि वैश्विक नैतिक ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है। यूक्रेन की लड़ाई अब सिर्फ उसकी सीमाओं तक सीमित नहीं रही; यह मानवता, न्याय और अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा की जंग बन चुकी है।