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🇮🇳 दूरदर्शन का डिजिटल भविष्य: एआई के साथ सार्वजनिक प्रसारण में नई क्रांति


भारत में सार्वजनिक प्रसारण का परिदृश्य बदलने जा रहा है। केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में देशभर के दूरदर्शन केंद्रों के प्रमुखों के साथ एक रणनीतिक बैठक की। बैठक का उद्देश्य था—दूरदर्शन को तकनीकी रूप से सशक्त और भविष्य के लिए तैयार बनाना। इस चर्चा में विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को प्रसारण में शामिल करने पर जोर दिया गया, ताकि कंटेंट की गुणवत्ता, वितरण क्षमता और दर्शकों से जुड़ाव में सुधार हो सके।

🔹 बैठक के मुख्य निष्कर्ष

🧠 AI क्यों जरूरी है?

आज के डिजिटल युग में दर्शकों की अपेक्षाएं तेजी से बदल रही हैं। वे न केवल ताजगी भरी खबरें चाहते हैं, बल्कि ऐसी सामग्री भी चाहते हैं जो उनके स्थानीय अनुभवों से मेल खाती हो। AI की मदद से:

📺 दूरदर्शन की नई रणनीति

यह पहल दूरदर्शन के लिए तकनीकी और रणनीतिक बदलाव का संकेत है। इसे केवल एक सरकारी चैनल के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसा मीडिया मंच बनाने का प्रयास है जो संवेदनशील, तकनीकी रूप से सक्षम और जनता से जुड़े हुए संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करे। मंत्री वैष्णव का संदेश—“Moving together towards a future-ready public broadcaster”—इस परिवर्तन की दिशा को स्पष्ट रूप से दिखाता है।

🌐 निष्कर्ष

दूरदर्शन में AI के समावेश से न केवल प्रसारण की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि यह भारत के विविध समाज की कहानियों को नई शक्ति देगा। जब क्षेत्रीय कहानियां AI की मदद से राष्ट्रीय मंच पर आएंगी, तो भारत की असली तस्वीर और आवाज़ दुनिया के सामने और भी प्रभावशाली रूप में उजागर होगी।


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