
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सेहत और संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए “स्वच्छ भोजन, सुरक्षित यात्रा” नामक एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। यह पहल #SpecialCampaign5.0 के तहत चलाई जा रही है, जिसका मकसद रेलवे परिसरों में स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता और पर्यावरणीय मानकों को और सुदृढ़ बनाना है।
🔍 अभियान की रूपरेखा और निरीक्षण स्थलों की झलक
इस निरीक्षण अभियान के दौरान हाल ही में कोरबा (छत्तीसगढ़) और मथुरा जंक्शन (उत्तर प्रदेश) स्टेशनों पर विस्तृत समीक्षा की गई। रेलवे अधिकारियों ने इन स्थानों पर मौजूद रसोईघरों, खानपान इकाइयों और फूड स्टॉल्स की स्वच्छता का गहन निरीक्षण किया।
- कोरबा स्टेशन पर निरीक्षण टीम ने भोजन पकाने के क्षेत्र, खाद्य सामग्री की भंडारण व्यवस्था और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया।
- वहीं मथुरा जंक्शन पर फूड कोर्ट, यात्रियों के बैठने की व्यवस्था और कचरा प्रबंधन प्रणाली का मूल्यांकन किया गया।
इन निरीक्षणों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को ताज़ा, सुरक्षित और स्वच्छ भोजन ही परोसा जाए।
🍛 यात्रियों के स्वास्थ्य और भरोसे पर केंद्रित पहल
रेल मंत्रालय का मानना है कि स्वच्छता और गुणवत्ता में सुधार से यात्रियों का रेलवे पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा। यह पहल केवल भोजन की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा यात्रियों की सुरक्षा, संतुष्टि और स्वास्थ्य संरक्षण तक फैला हुआ है।
“स्वच्छ भोजन” की अवधारणा को “सुरक्षित यात्रा” से जोड़कर भारतीय रेलवे ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि आरामदायक सफर तभी संभव है जब भोजन और पर्यावरण दोनों स्वच्छ हों।
♻️ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम
अभियान के अंतर्गत कचरा प्रबंधन और अपशिष्ट निपटान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेलवे स्टेशनों पर अब बायोडिग्रेडेबल और नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरे के लिए अलग-अलग डिब्बों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना स्वच्छता बनाए रखी जा सके।
इसके साथ ही, रेलवे की विभिन्न इकाइयाँ प्लास्टिक-मुक्त स्टेशन और हरित ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहित कर रही हैं।
📱 डिजिटल माध्यम से जन-जागरूकता
रेल मंत्रालय ने इस अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया का भी प्रभावी उपयोग किया है।
ट्विटर (X) और अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स पर #IRSpecialCampaign5 और #SCDPM5.0 जैसे हैशटैग्स के माध्यम से अभियान को प्रचारित किया जा रहा है। इससे आम यात्रियों में स्वच्छता और जिम्मेदार यात्रा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
✨ निष्कर्ष
“स्वच्छ भोजन, सुरक्षित यात्रा” अभियान भारतीय रेलवे की यात्रियों के हित में की गई एक प्रगतिशील और जन-केंद्रित पहल है। यह न केवल स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता को बढ़ावा देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता के नए मानक भी स्थापित करता है।
अगर यह अभियान निरंतर और गंभीरता से आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए केवल यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि स्वच्छता, सुरक्षा और विश्वसनीयता का प्रतीक बन जाएगा।