
भारत और मंगोलिया के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ तथा रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने पर एक ऐतिहासिक अवसर सामने आया। इस विशेष मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंगोलिया के राष्ट्रपति ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने एक स्मारक डाक टिकट जारी किया, जो दोनों देशों की गहरी मित्रता, सांस्कृतिक जुड़ाव और साझा मूल्यों का प्रतीक बना।
🕊️ ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
- भारत और मंगोलिया के राजनयिक संबंध 1955 में स्थापित हुए थे।
- वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की मंगोलिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी की औपचारिक घोषणा की।
- यह संबंध लोकतंत्र, बौद्ध संस्कृति, और वैश्विक शांति के साझा आदर्शों पर आधारित हैं।
इन सात दशकों में भारत और मंगोलिया ने एक-दूसरे के साथ विश्वास, सम्मान और परस्पर सहयोग की मिसाल कायम की है।
📬 सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में संयुक्त डाक टिकट
दोनों देशों द्वारा जारी किया गया यह डाक टिकट केवल एक औपचारिक कदम नहीं है, बल्कि यह उनकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक निकटता का जीवंत प्रतीक है। इसमें बौद्ध विरासत की झलक के साथ उन मूल्यों को दर्शाया गया है जो भारत और मंगोलिया को आत्मीय रूप से जोड़ते हैं—शांति, करुणा और सांस्कृतिक एकता।
🌐 रणनीतिक सहयोग के प्रमुख स्तंभ
- रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग – दोनों देशों के बीच नियमित सैन्य अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ज़रिए रक्षा क्षेत्र में परस्पर विश्वास को सुदृढ़ किया गया है।
- खनिज और ऊर्जा संसाधन – मंगोलिया के विशाल खनिज भंडार में भारत की बढ़ती रुचि नई आर्थिक संभावनाएँ खोल रही है।
- डिजिटल सहयोग – भारत के डिजिटल इंडिया अभियान और मंगोलिया के ई-गवर्नेंस प्रयासों के बीच तकनीकी सहयोग का एक नया अध्याय शुरू हो चुका है।
- बौद्ध सांस्कृतिक संबंध – बौद्ध धर्म दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुल का कार्य कर रहा है, जिससे जन-जन का संपर्क और सुदृढ़ हुआ है।
🗣️ प्रधानमंत्री मोदी का वक्तव्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“भारत और मंगोलिया के संबंध केवल सरकारों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता के हृदयों को जोड़ने वाले हैं। यह साझेदारी हमारे साझा मूल्यों—विश्व शांति, सहयोग और सांस्कृतिक सौहार्द्र—की अभिव्यक्ति है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में दोनों देश आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी क्षेत्रों में और भी व्यापक सहयोग की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
🔍 निष्कर्ष
भारत–मंगोलिया संबंध आज एक नई ऊँचाई पर हैं। यह केवल कूटनीतिक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि दो प्राचीन सभ्यताओं की आत्मीयता, विश्वास और साझा भविष्य की यात्रा का प्रतीक है।
जारी किया गया स्मारक डाक टिकट इस ऐतिहासिक संबंध की अमिट याद के रूप में आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।