
विश्व राजनीति इन दिनों एक सकारात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। हाल ही में मध्य पूर्व में हुए ऐतिहासिक समझौते ने यह साबित कर दिया है कि जब कूटनीतिक इच्छाशक्ति सशक्त हो, तो वर्षों पुराना संघर्ष भी सुलझाया जा सकता है। इसी क्रम में, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अपने हालिया बयान में इन पहलुओं की सराहना करते हुए कहा कि यह विश्व शांति की ओर बढ़ने वाला एक अहम कदम है। उन्होंने साथ ही रूस को अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का प्रमुख कारण भी बताया।
✍️ मध्य पूर्व में शांति के नए प्रयास
मध्य पूर्व दशकों से हिंसा और अस्थिरता का पर्याय रहा है। लेकिन अब इस क्षेत्र में कूटनीतिक सहमति और संवाद ने नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। ज़ेलेंस्की का मानना है कि यह परिवर्तन केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरी दुनिया में शांति की प्रेरणा बन सकता है। उन्होंने इस प्रक्रिया में अमेरिका और उसके नेतृत्व की सक्रिय भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब महाशक्तियाँ एक दिशा में सोचती हैं, तो स्थायी समाधान संभव हो जाता है।
🇷🇺 रूस की भूमिका पर सवाल
अपने बयान में ज़ेलेंस्की ने रूस को आधुनिक युग की सबसे बड़ी अस्थिर ताकत करार दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर जारी हमलों और दमनकारी नीतियों के चलते न केवल यूरोप, बल्कि वैश्विक सुरक्षा प्रणाली प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि मध्य पूर्व में संवाद और दबाव से शांति स्थापित हो सकती है, तो रूस पर भी ऐसा ही अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाकर युद्ध की आग को शांत किया जा सकता है।
🤝 वैश्विक नेतृत्व की जिम्मेदारी
यह पूरा घटनाक्रम यह दर्शाता है कि विश्व शांति किसी एक राष्ट्र के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए सामूहिक नेतृत्व, दूरदर्शिता और कूटनीतिक संतुलन की आवश्यकता होती है। ज़ेलेंस्की का यह बयान मानवता के हित में अंतरराष्ट्रीय एकता का आह्वान करता है—जहाँ राष्ट्र अपनी सीमाओं से ऊपर उठकर वैश्विक स्थिरता को प्राथमिकता दें।
🔍 निष्कर्ष
ज़ेलेंस्की का वक्तव्य केवल यूक्रेन की स्थिति पर टिप्पणी नहीं, बल्कि एक व्यापक संदेश है—युद्ध कभी समाधान नहीं होता। यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय मिलकर रूस जैसी आक्रामक शक्तियों पर ठोस दबाव बनाए, तो दुनिया एक और विनाशकारी संघर्ष से बच सकती है।
मध्य पूर्व में उभरा शांति मॉडल आज पूरी मानवता के लिए उम्मीद का प्रतीक बन सकता है, बशर्ते दुनिया एकजुट होकर शांति की इस लौ को जलाए रखे।