
शिक्षा मंत्रालय की पहल, “विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025”, देश के युवाओं को रचनात्मक सोच और व्यावहारिक नवाचार के क्षेत्र में प्रेरित करने का एक अहम मंच है। यह मुहिम भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में एक ठोस कदम है। इस कार्यक्रम के तहत छात्र अपने अनोखे विचारों और प्रोटोटाइप को राष्ट्रीय स्तर पर पेश कर सकते हैं, जिससे उनकी प्रतिभा और समस्या समाधान कौशल को मान्यता मिलती है।
🎯 उद्देश्य और महत्व
इस बिल्डाथॉन के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- छात्रों में रचनात्मक और आलोचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अंतर्गत नवाचार को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाना।
- स्थानीय समस्याओं के लिए स्थानीय समाधान प्रस्तुत करके आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना।
🏫 कौन ले सकता है भाग?
देशभर के स्कूलों में पंजीकृत छात्र-टीमें इस प्रतियोगिता में भाग ले सकती हैं। प्रतिभागियों को अपने विचारों या प्रोटोटाइप का वीडियो vbb.mic.gov.in पर अपलोड करना होगा। यह मंच छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर देता है।
🔍 इस पहल की विशेषता
- यह पहल भारत के भविष्य के नवप्रवर्तकों को तैयार करने में सहायक है।
- छात्रों को वास्तविक जीवन की समस्याओं पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।
- शिक्षा को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए, उसे क्रियात्मक और नवाचार-प्रधान बनाती है।
📢 सोशल मीडिया और जनभागीदारी
इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया पर कई हैशटैग्स का उपयोग किया जा रहा है:
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इन हैशटैग्स के माध्यम से यह पहल केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक सामाजिक नवाचार आंदोलन का रूप ले रही है, जिसमें छात्र, शिक्षक, अभिभावक और नीति निर्माता सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
🗣️ निष्कर्ष
विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 एक प्रतियोगिता से बढ़कर, राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला है। यह युवाओं को सोचने, बनाने और बदलने की शक्ति प्रदान करती है। यदि भारत 2047 तक एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनना चाहता है, तो ऐसे नवाचार-प्रधान कार्यक्रमों को हर स्तर पर पहुँचाना अति आवश्यक है।