
सतारा (महाराष्ट्र), 26 अक्टूबर 2025 — महाराष्ट्र के सतारा ज़िले के फालतन उपजिला अस्पताल में तैनात 28 वर्षीय महिला डॉक्टर की आत्महत्या मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस घटना ने राज्यभर में सनसनी फैला दी है और अब तक दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बादाने और दूसरा पुणे का सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बांकर शामिल हैं। दोनों पर बलात्कार, मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए हैं।
🔹 डॉक्टर का सुसाइड नोट और सनसनीखेज आरोप
डॉक्टर ने आत्महत्या से पहले छोड़े गए चार पन्नों के सुसाइड नोट में दोनों आरोपियों का नाम लिखा था। इसमें उसने कहा था कि सब-इंस्पेक्टर ने उसका चार बार बलात्कार किया और धमकियां दीं, जबकि इंजीनियर प्रशांत बांकर लगातार मानसिक प्रताड़ना कर रहा था।
सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक सांसद और उनके निजी सहायकों ने उस पर दबाव बनाकर बयान बदलवाने की कोशिश की थी।
यह पत्र पुलिस को सौंपा जा चुका है और फिलहाल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
🔹 पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई
सतारा पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है और सब-इंस्पेक्टर गोपाल बादाने को सेवा से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि,
“मामला बेहद संवेदनशील है। जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट जल्द दाखिल की जाएगी।”
जांच अधिकारी ने बताया कि फिलहाल डॉक्टर द्वारा दर्ज की गई 21 शिकायतों की भी पुनः समीक्षा की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन परिस्थितियों ने उसे इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।
🔹 परिवार की मांग — “मृत्युदंड दो”
मृतक डॉक्टर के पिता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि,
“मेरी बेटी को न्याय तभी मिलेगा जब उसके गुनहगारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो आज वह ज़िंदा होती।”
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि बेटी की शिकायतों पर अधिकारियों ने पहले गंभीरता नहीं दिखाई।
🔹 राजनीतिक विवाद भी तेज
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि कुछ नेताओं ने मामले को दबाने की कोशिश की।
शिवसेना (UBT) नेता अंबादास दानवे ने कहा कि भाजपा सांसद जयकुमार निम्बालकर और उनके दो निजी सहायकों ने डॉक्टर पर बयान बदलवाने का दबाव बनाया था। हालांकि, सांसद ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
🔹 वर्तमान स्थिति (26 अक्टूबर 2025 तक)
दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं।
सब-इंस्पेक्टर गोपाल बादाने निलंबित किया गया है।
डॉक्टर के सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच जारी है।
पुलिस टीम ने अब तक 15 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए हैं।
मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
🔹 समाज में आक्रोश और न्याय की मांग
इस घटना के बाद महाराष्ट्र के कई जिलों में डॉक्टर संगठनों और महिला समूहों ने “Justice for Phaltan Doctor” अभियान शुरू किया है। सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।
🔹 निष्कर्ष
फालतन की इस युवा डॉक्टर की आत्महत्या ने प्रशासनिक सिस्टम, कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राज्य सरकार इस मामले में तेज़, पारदर्शी और निष्पक्ष न्याय दिलाने में सफल होगी या यह मामला भी सिर्फ एक और चर्चा बनकर रह जाएगा।
📅 तारीख: 26 अक्टूबर 2025
📍 स्थान: सतारा (फालतन), महाराष्ट्र
👩⚕️ पीड़िता: 28 वर्षीय महिला डॉक्टर
👮 आरोपी: गोपाल बादाने (SI), प्रशांत बांकर (सॉफ्टवेयर इंजीनियर)
⚖️ स्थिति: दोनों आरोपी हिरासत में, जांच जारी