
रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच यूक्रेन को वैश्विक स्तर पर सैन्य सहायता का सिलसिला लगातार जारी है। हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि फ्रांस, ब्रिटेन, फिनलैंड और स्पेन ने नई रक्षा सहायता योजनाओं को मंजूरी दी है। यह सहयोग न केवल यूक्रेन की रक्षा क्षमता में वृद्धि करेगा, बल्कि यूरोपीय देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता और रणनीतिक एकता का प्रमाण भी है।
🇫🇷 फ्रांस: मिराज विमान और मिसाइलों से यूक्रेनी वायुसेना को बल
फ्रांस ने घोषणा की है कि वह यूक्रेन को अतिरिक्त Mirage लड़ाकू विमान और एयर-डिफेंस मिसाइलें प्रदान करेगा। ये आधुनिक विमान उच्च सटीकता और बहु-कार्य संचालन के लिए प्रसिद्ध हैं। इस समर्थन से यूक्रेन की वायु रक्षा और हमलावर क्षमता दोनों में संतुलित बढ़ोतरी होगी, जिससे रूसी हवाई हमलों का प्रभावी मुकाबला संभव होगा।
🇬🇧 ब्रिटेन: इंटरसेप्टर ड्रोन और मिसाइल आपूर्ति में निरंतर सहयोग
ब्रिटेन ने यह स्पष्ट किया है कि वह यूक्रेन को उन्नत एयर-डिफेंस मिसाइलों की आपूर्ति जारी रखेगा और साथ ही इंटरसेप्टर ड्रोन निर्माण में भी तकनीकी सहयोग देगा। ये ड्रोन रूसी मिसाइलों और ड्रोन हमलों को बीच में ही निष्क्रिय करने में सक्षम हैं। यह कदम यूक्रेन की दीर्घकालिक सुरक्षा और ब्रिटेन की दृढ़ प्रतिबद्धता — दोनों को रेखांकित करता है।
🇫🇮🇪🇸 फिनलैंड और स्पेन: PURL कार्यक्रम से अमेरिकी हथियारों की उपलब्धता
फिनलैंड और स्पेन ने PURL (Procurement of U.S. Resources for Europe) नामक पहल के तहत यूक्रेन को अमेरिकी हथियार और रक्षा प्रणालियाँ उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह कार्यक्रम यूरोपीय देशों को अमेरिकी रक्षा संसाधनों का सामूहिक उपयोग करने की सुविधा देता है, जिससे यूक्रेन को उन्नत तकनीक और आधुनिक हथियारों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
🤝 संयुक्त उत्पादन और रक्षा साझेदारी की ओर बढ़ते कदम
ज़ेलेंस्की ने अपने संदेश में यह भी बताया कि कई यूरोपीय देशों के साथ यूक्रेन की रक्षा साझेदारियाँ अब उत्पादन स्तर पर भी आगे बढ़ रही हैं। आने वाले महीनों में संयुक्त हथियार निर्माण और रक्षा उद्योग में सहयोग के नए समझौते किए जा सकते हैं। यह दिशा न केवल तात्कालिक सैन्य जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि यूक्रेन की दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करेगी।
💬 ज़ेलेंस्की का संदेश: “यूक्रेन की वीरता ही दुनिया की प्रेरणा है”
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अपने बयान में कहा —
“दुनिया को रूस से संवाद उसी समय करना चाहिए जब वह शक्ति की स्थिति में हो। और वह शक्ति यूक्रेन की दृढ़ता और साहस से आती है। जब कोई रूसियों की तुलना उन बहादुर यूक्रेनियों से करता है जिन्होंने सचमुच संघर्ष कर कुछ हासिल किया है, तो फर्क साफ़ दिखाई देता है। हमारा प्रतिरोध ही सच्ची वीरता है।”
🌍 निष्कर्ष: एकजुट यूरोप और दृढ़ यूक्रेन
यह घटनाक्रम स्पष्ट करता है कि यूक्रेन अकेला नहीं है। यूरोप के प्रमुख देश — फ्रांस, ब्रिटेन, फिनलैंड और स्पेन — न केवल सैन्य रूप से, बल्कि राजनीतिक और नैतिक रूप से भी उसके साथ खड़े हैं। यह सहयोग वैश्विक सुरक्षा, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एक सशक्त संदेश है।