
26 अक्टूबर की रात सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई एक तस्वीर ने वैश्विक राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया। इस तस्वीर में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक-दूसरे से मुस्कुराते हुए हाथ मिलाते नजर आए। यह केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी—यह उस मित्रता की वापसी का संकेत थी, जिसने एक समय अंतरराष्ट्रीय नीति के कई समीकरणों को प्रभावित किया था।
🤝 पुराना रिश्ता, नया दौर
नेतन्याहू और ट्रंप की राजनीतिक निकटता किसी से छिपी नहीं है। ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान अमेरिका और इज़राइल के संबंधों में गहरा सामरिक और कूटनीतिक सहयोग देखा गया था।
- यरुशलम को इज़राइल की राजधानी के रूप में मान्यता देना,
- गोलन हाइट्स पर इज़राइली संप्रभुता को स्वीकार करना, और
- अब्राहम समझौतों जैसी ऐतिहासिक पहलें —
इन सबने दोनों देशों के रिश्तों को असाधारण ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
अब जब ट्रंप फिर से व्हाइट हाउस में हैं, नेतन्याहू का यह कदम इस पुराने विश्वास को पुनर्जीवित करने का प्रयास माना जा रहा है।
🌍 मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य में इस मुलाकात का महत्व
- मध्य पूर्व की अस्थिर स्थिति: गाज़ा में जारी संघर्ष, ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं और अरब देशों के बीच बदलते गठबंधन—इन सबके बीच इज़राइल के लिए एक मज़बूत सहयोगी की भूमिका अमेरिका निभा सकता है।
- अमेरिकी विदेश नीति का नया स्वरूप: ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति पारंपरिक गठबंधनों से अलग मानी जाती है, परंतु इज़राइल के साथ उनका दृष्टिकोण सदैव विशेष रहा है।
- घरेलू राजनीतिक संदर्भ: दोनों नेता इस समय अपने-अपने देशों में राजनीतिक दबावों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यह भेंट समर्थकों के बीच सकारात्मक संदेश प्रसारित करने का माध्यम बन सकती है।
📸 सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
कुछ ही घंटों में यह तस्वीर इंटरनेट पर छा गई — हजारों लाइक्स, रीपोस्ट्स और टिप्पणियों के साथ। लोगों ने इसे “रणनीतिक दोस्ती की वापसी” और “राजनीतिक संकेत” दोनों रूपों में देखा। कई विश्लेषकों ने भी इसे आने वाले महीनों में संभावित कूटनीतिक घटनाक्रमों का संकेत माना है।
🔍 निष्कर्ष
नेतन्याहू और ट्रंप की यह मुलाकात एक साधारण राजनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शक्ति-संतुलन में बदलाव की झलक है। यह स्पष्ट करता है कि वैश्विक राजनीति में व्यक्तिगत रिश्तों की अहमियत अभी भी उतनी ही गहरी है जितनी कभी थी।
यह तस्वीर सिर्फ़ एक हैंडशेक नहीं, बल्कि एक नई रणनीतिक दिशा का प्रतीक है—जहाँ पुरानी दोस्ती आधुनिक परिस्थितियों के अनुरूप फिर से आकार ले रही है।