
शामली (उत्तर प्रदेश), 27 अक्टूबर 2025 —
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। शामली जिले की थानाभवन पुलिस ने अंतरराज्यीय एटीएम कार्ड चोरी गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर उसके आपराधिक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर खातों से रकम उड़ाने का काम करता था।
🔍 गिरफ्तारी कैसे हुई?
पुलिस को कुछ समय से एटीएम कार्ड धोखाधड़ी के लगातार मामलों की शिकायतें मिल रही थीं। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी शुरू की।
थानाभवन थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हरकतों पर शक होने पर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथियों और पूरे नेटवर्क की जानकारी दी, जिससे गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ।
📱 पुलिस के हाथ क्या लगा?
गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है, जिनमें शामिल हैं:
- विभिन्न बैंकों के 7 एटीएम कार्ड
- नकद राशि और मोबाइल फोन
- फर्जी पहचान पत्र व दस्तावेज
- सिम कार्ड और एक डायरी, जिसमें गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी दर्ज थी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह देश के कई हिस्सों में लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर खाते से पैसे निकालने में माहिर था।
👮♂️ पुलिस की सतर्कता और सफलता
पुलिस अधीक्षक शामली ने बताया कि इस कार्रवाई से साइबर अपराधों पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उन्होंने टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्रवाई पुलिस की सक्रिय निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है।
⚖️ कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
वर्तमान में आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि साइबर सेल और अन्य जांच एजेंसियां इस गिरोह के आर्थिक लेन-देन और संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं।
🧠 जनता के लिए चेतावनी और संदेश
यह मामला आम नागरिकों के लिए एक बड़ा सबक है।
एटीएम का उपयोग करते समय किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें, कार्ड या पिन साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत बैंक या पुलिस को सूचित करें।
शामली पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि साइबर अपराधियों पर अब कानून का शिकंजा और कड़ा होगा।