
🌟 परिचय
सितंबर 2023 भारत के तकनीकी इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है। इस महीने भारत ने स्मार्टफोन निर्यात के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड कायम किया — 1.8 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के स्मार्टफोन का निर्यात। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत अब सिर्फ एक उपभोक्ता बाज़ार नहीं, बल्कि वैश्विक विनिर्माण शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है।
📈 निर्यात वृद्धि की झलक
अप्रैल से सितंबर 2023 के बीच भारत के स्मार्टफोन निर्यात ने लगातार नई ऊंचाइयां छुईं। नीचे दिए गए आँकड़े इस प्रगति की सटीक तस्वीर पेश करते हैं: महीना निर्यात मूल्य (अमेरिकी डॉलर में) अप्रैल 764 मिलियन मई 891 मिलियन जून 1,103 मिलियन जुलाई 972 मिलियन अगस्त 1,116 मिलियन सितंबर 1,821 मिलियन
इन आँकड़ों से साफ झलकता है कि भारत का मोबाइल निर्यात हर महीने नई उड़ान भर रहा है, और सितंबर में यह रफ्तार ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई।
🏭 PLI योजना: सफलता का आधार स्तंभ
भारत सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना इस अभूतपूर्व वृद्धि का मुख्य कारण रही है। इस योजना के तहत कंपनियों को स्थानीय विनिर्माण बढ़ाने पर वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को नई दिशा मिली है।
- Apple और Samsung जैसी अग्रणी कंपनियों ने भारत में अपने उत्पादन संयंत्रों का विस्तार किया है।
- अनुमान है कि Apple का योगदान कुल निर्यात का लगभग 50% है, जबकि Apple और Samsung मिलकर लगभग 90% स्मार्टफोन निर्यात कर रहे हैं।
यह साझेदारी भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक मज़बूत कड़ी बना रही है।
🌍 भारत: उभरता हुआ वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब
अब इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भारत के कुल निर्यात में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। यह परिवर्तन बताता है कि भारत पारंपरिक क्षेत्रों — जैसे वस्त्र, कृषि और रसायन — से आगे बढ़कर अब प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित उद्योगों पर केंद्रित हो रहा है।
सरकारी नीतियों, निवेशकों के विश्वास और विनिर्माण अवसंरचना के विकास ने मिलकर भारत को “मेक फॉर द वर्ल्ड” के नए युग में प्रवेश दिलाया है।
👷 रोज़गार और कौशल विकास
इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के विस्तार से लाखों युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर मिल रहे हैं। मोबाइल कंपोनेंट्स, असेंबली यूनिट्स और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में रोज़गार सृजन तेजी से बढ़ रहा है। इससे न केवल तकनीकी कौशल में वृद्धि हो रही है, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई गति मिल रही है।
🔮 भविष्य की दिशा
सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए $12 अरब मूल्य के स्मार्टफोन निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान गति को देखते हुए यह लक्ष्य पूरी तरह से हासिल किया जा सकता है। यह उपलब्धि भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यातक देशों की शीर्ष सूची में शामिल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगी।
📝 निष्कर्ष
भारत का स्मार्टफोन निर्यात केवल आर्थिक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि नीतिगत दूरदृष्टि और औद्योगिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
‘मेक इन इंडिया से मेक फॉर वर्ल्ड’ की यह यात्रा भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था के केंद्र में स्थापित कर रही है।
सरकार की योजनाएं, वैश्विक कंपनियों का विश्वास और भारतीय युवाओं की प्रतिभा — ये तीनों मिलकर भारत को आगामी दशक में इलेक्ट्रॉनिक्स महाशक्ति बनाने के मार्ग पर अग्रसर हैं।