
दिनांक: 29 अक्टूबर 2025
स्थान: सिवान (बिहार)
बिहार के सिवान जिले की रघुनाथपुर विधानसभा सीट से चुनावी सरगर्मी अब तेज़ हो गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को एक जनसभा में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी उसामा शाहाब पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “इस परिवार की आपराधिक पृष्ठभूमि पूरे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में जानी जाती है।”
योगी आदित्यनाथ का यह बयान सीधे तौर पर उसामा शाहाब के पिता — पूर्व सांसद और विवादित नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन — की पृष्ठभूमि की ओर इशारा करता है। उन्होंने मंच से कहा कि राजद ऐसे लोगों को टिकट देकर फिर से अपराध की राजनीति को बढ़ावा देना चाहता है।
🔹 योगी का बयान: अपराध पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“उत्तर प्रदेश में हमने अपराध और अपराधियों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई है। लेकिन बिहार में राजद और उसके सहयोगी दल माफिया राज को बढ़ावा दे रहे हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने कभी राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और अब मां जानकी मंदिर निर्माण का भी विरोध कर रहे हैं।”
उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “2005 से पहले बिहार का नारा था — ‘सबका साथ, लेकिन परिवार का विकास’। अब वही ताकतें फिर से माफिया राज की वापसी चाहती हैं।”
🔹 केंद्र की रणनीति पर भी बोले योगी
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने साफ़ कहा है कि भारत मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा।
“यह नया भारत है, जो आतंकवाद, नक्सलवाद और भ्रष्टाचार — तीनों से समझौता नहीं करेगा। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के नेतृत्व में देश को सुरक्षित और सशक्त बनाया जा रहा है,” योगी ने कहा।
🔹 बिहार चुनाव में सिवान का महत्व
सिवान, बिहार की राजनीति में हमेशा से एक संवेदनशील और प्रतीकात्मक क्षेत्र रहा है। यह इलाका कभी शहाबुद्दीन जैसे बाहुबली नेताओं का गढ़ माना जाता था। लेकिन अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) इसे “साफ-सुथरी राजनीति और विकास का प्रतीक” बनाना चाहता है।
योगी आदित्यनाथ की यह सभा न केवल एक चुनावी रैली थी, बल्कि बिहार में भाजपा की रणनीतिक संदेशवाहक भी साबित हुई — कि पार्टी अब परिवारवाद और अपराधवाद के खिलाफ सीधी लड़ाई लड़ने के मूड में है।
🔹 निष्कर्ष
योगी आदित्यनाथ का यह बयान बिहार की चुनावी राजनीति में नई हलचल पैदा कर गया है। एक ओर भाजपा “विकास बनाम अपराध” का नैरेटिव आगे बढ़ा रही है, वहीं राजद “परिवार और सामाजिक न्याय” की राजनीति को अपनी ताकत बना रही है।
सिवान की रघुनाथपुर सीट अब प्रतीक बन चुकी है — कि बिहार की जनता किस दिशा में भविष्य चुनती है — विकास के रास्ते या अपराध की विरासत के सहारे।