
भारत में सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं, विचारों और सांस्कृतिक विविधता को व्यक्त करने का जीवंत माध्यम है। इन्हीं मूल्यों को उजागर करता है अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (International Film Festival of India – IFFI), जो हर वर्ष गोवा की कलात्मक धरती पर आयोजित होता है।
इस वर्ष महोत्सव का 56वां संस्करण सिनेमा प्रेमियों और मीडिया जगत दोनों के लिए खास महत्व रखता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मीडिया प्रतिनिधियों को इस वैश्विक आयोजन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है।
📢 मीडिया मान्यता प्रक्रिया की शुरुआत
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने मीडिया प्रतिनिधियों के लिए आधिकारिक मान्यता प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
पत्रकारों, छायाकारों, डिजिटल मीडिया क्रिएटर्स और समाचार संस्थानों के प्रतिनिधि अब आधिकारिक पोर्टल accreditation.pib.gov.in/newuser पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।
मान्यता प्राप्त होने पर उन्हें IFFI से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों — फिल्म स्क्रीनिंग, संवाद सत्र, प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यू — को कवर करने का अवसर प्राप्त होगा।
🎥 IFFI का वैश्विक महत्व
- 🌏 सांस्कृतिक सेतु: IFFI दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और दर्शकों को एक मंच पर जोड़ता है।
- 🎞️ भारतीय सिनेमा की पहचान: यह मंच भारतीय फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का सर्वोत्तम अवसर प्रदान करता है।
- 🤝 रचनात्मक संवाद: मीडिया प्रतिनिधियों को विश्व-स्तरीय फिल्मकारों और विशेषज्ञों से जुड़ने का सुअवसर मिलता है।
🖼️ इस वर्ष की थीम और कलात्मकता
इस बार महोत्सव की रचनात्मक पहचान एक रंगीन मोर की कलात्मक आकृति से प्रेरित है, जो भारतीय संस्कृति, विविधता और रचनात्मकता का प्रतीक है।
यह प्रतीक न केवल सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि “भारत की अनेकता में एकता” की भावना को भी जीवंत रूप देता है।
📌 पंजीकरण प्रक्रिया के चरण
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – accreditation.pib.gov.in/newuser
- “नया उपयोगकर्ता” विकल्प चुनें और पंजीकरण करें।
- आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें — प्रेस कार्ड, संस्था का पत्र, पहचान प्रमाण और पासपोर्ट आकार की फोटो।
- सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने पर मान्यता पत्र जारी किया जाएगा।
📸 डिजिटल माध्यम से बढ़ता उत्साह
PIB मुंबई और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा चलाया गया #IFFI56 सोशल मीडिया अभियान लगातार लोकप्रिय हो रहा है।
इससे मीडिया पेशेवरों को वास्तविक समय में अपडेट्स मिल रहे हैं, और आम दर्शक भी इस आयोजन से जुड़कर भारतीय सिनेमा की रचनात्मक यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं।
🕊️ निष्कर्ष
IFFI केवल एक फिल्म महोत्सव नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, सृजनशीलता और संवाद की शक्ति का उत्सव है।
मीडिया प्रतिनिधियों के लिए यह सिर्फ रिपोर्टिंग का अवसर नहीं, बल्कि सिनेमा की आत्मा को महसूस करने का एक अनुभव है।
यदि आप पत्रकारिता से जुड़े हैं — तो यह वह मौका है जब आप भारत के सिने-इतिहास के एक स्वर्णिम अध्याय के साक्षी बन सकते हैं।
आज ही पंजीकरण करें और इस अंतरराष्ट्रीय सिने-उत्सव का हिस्सा बनें।