
परिचय
जापान में आयोजित होने वाले एक्सपो 2025 के लिए यूक्रेन ने अपने राष्ट्रीय मंडप में एक असाधारण प्रदर्शनी प्रस्तुत की है, जिसका नाम है “Not For Sale”। यह प्रदर्शनी केवल कलात्मक सृजन का प्रदर्शन नहीं, बल्कि यूक्रेन की स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और रचनात्मक जिजीविषा का प्रतीक है। युद्ध की कठिन परिस्थितियों के बावजूद, यह प्रदर्शनी यह संदेश देती है कि यूक्रेनी आत्मा को खरीदा नहीं जा सकता और न ही उसकी स्वतंत्रता का सौदा किया जा सकता है।
प्रदर्शनी की मुख्य विशेषताएँ
- अब तक 30 लाख से अधिक आगंतुकों और 140 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया है।
- हर कलाकृति और प्रदर्शन सामग्री यूक्रेन की यात्रा को दर्शाती है—कभी संघर्ष की, कभी सांस्कृतिक गौरव की, तो कभी उस अटूट विश्वास की, जिसने उसे दृढ़ बनाए रखा।
- प्रदर्शनी के डिज़ाइन में आधुनिक न्यूनतमता और पीले रंग की थीम का विशेष उपयोग किया गया है, जो ऊर्जा, आशा और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है।
- इसमें डिजिटल डिस्प्ले, इंटरएक्टिव इंस्टॉलेशन और प्रतीकात्मक मूर्तियों के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि स्वतंत्रता और गरिमा किसी भी कीमत पर बिकाऊ नहीं होती।
ज़ेलेंस्की का दृष्टिकोण
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इस प्रदर्शनी को यूक्रेनी संस्कृति की आत्मा कहा है। उनके अनुसार, “यह केवल कला का मंच नहीं, बल्कि यह यूक्रेन की रचनात्मकता, एकता और आत्मसम्मान की जीवंत मिसाल है, जो युद्ध की विभीषिका के बीच भी अडिग बनी हुई है।”
उन्होंने इस आयोजन से जुड़े सभी कलाकारों, डिज़ाइनरों और आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी यूक्रेन की सांस्कृतिक शक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रतिनिधित्व करती है।
सांस्कृतिक और वैश्विक महत्व
- “Not For Sale” प्रदर्शनी यूक्रेन की सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) का हिस्सा है, जो यह संदेश देती है कि युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि विचारों, संस्कृति और मानवीय मूल्यों से भी लड़ा जाता है।
- यह प्रदर्शनी इस बात की घोषणा करती है कि स्वतंत्रता, गरिमा और रचनात्मकता अमूल्य हैं — इन्हें किसी कीमत पर खरीदा या बेचा नहीं जा सकता।
- जापान जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इसका आयोजन, न केवल यूक्रेन की वैश्विक छवि को मजबूत करता है, बल्कि दुनिया भर में उसके प्रति एकजुटता और सम्मान की भावना भी उत्पन्न करता है।
निष्कर्ष
“Not For Sale” प्रदर्शनी केवल कला का आयोजन नहीं, बल्कि यूक्रेन की आत्मा का घोषणापत्र है। यह पूरी दुनिया को यह याद दिलाती है कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी विकट क्यों न हों, मानवता, स्वतंत्रता और सांस्कृतिक गरिमा की रक्षा ही सच्ची विजय है।
यूक्रेन ने इस प्रदर्शनी के माध्यम से यह सिद्ध कर दिया है कि उसकी पहचान और आत्मसम्मान किसी सौदे का विषय नहीं, बल्कि एक अनमोल धरोहर हैं — जो न तो बिकती है और न ही झुकती है।