
भारत के मध्य में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य अपनी सादगी, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक वैभव के लिए जाना जाता है।
हर वर्ष 1 नवम्बर को मनाया जाने वाला छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि यह दिन राज्य की आत्मपहचान, गौरव और निरंतर विकास यात्रा का प्रतीक है।
🌿 इतिहास की झलक
- 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ ने मध्यप्रदेश से अलग होकर स्वतंत्र राज्य का रूप लिया।
- राज्य निर्माण का उद्देश्य केवल प्रशासनिक सुविधा नहीं था, बल्कि स्थानीय संस्कृति और जनभावनाओं को सम्मान देना भी था।
- पिछले पच्चीस वर्षों में छत्तीसगढ़ ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, ऊर्जा और अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय उन्नति की है।
🎭 संस्कृति और परंपरा की जीवंतता
- छत्तीसगढ़ की संस्कृति इसकी आत्मा है — पंथी नृत्य, करमा, राउत नाचा और सुवा नृत्य जैसे लोकनृत्य यहां की पहचान हैं।
- यहाँ की आदिवासी परंपराएँ प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिक जीवन के आदर्शों को दर्शाती हैं।
- दंतेवाड़ा की माँ दंतेश्वरी, राजिम का त्रिवेणी संगम, और सिरपुर के पुरातात्त्विक स्थल इस भूमि की आस्था और इतिहास दोनों को जोड़ते हैं।
🌾 प्राकृतिक संपदा और आर्थिक सशक्तिकरण
- छत्तीसगढ़ को “भारत का धान का कटोरा” कहा जाता है, क्योंकि यहाँ की भूमि उर्वर और किसान मेहनती हैं।
- राज्य खनिज संपदा से भी समृद्ध है — लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट और चूना पत्थर इसके औद्योगिक विकास की नींव हैं।
- सरकार ने कृषि-उद्योग संतुलन, लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था और हरित ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया है।
🚀 विकास की नयी दिशा
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य आत्मनिर्भरता, तकनीकी नवाचार और सामाजिक न्याय की ओर अग्रसर है।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में ‘जनसेवा और सुशासन’ को केंद्र में रखकर योजनाएँ लागू की जा रही हैं।
- सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
- महिला स्वावलंबन, युवाओं के लिए स्टार्टअप प्रोत्साहन और कृषि में तकनीकी अपनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
🙏 निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह राज्य की अविरल प्रगति, आत्मसम्मान और जनशक्ति का उत्सव है।
यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि एकजुट प्रयासों से हर सपना साकार हो सकता है।
माँ दंतेश्वरी और भूमि की पवित्र धरा राज्यवासियों को सदा शांति, समृद्धि और प्रेरणा प्रदान करती रहे —
यही शुभकामना के साथ जय छत्तीसगढ़! 🇮🇳